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चुनावी ड्यूटी के दौरान तीस कर्मचारियों की मौत, शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट

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झांसी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान चुनावी ड्यूटी में कुल तीस कर्मचारियों की मौत की बात अभी तक प्रशासन ने स्वीकारी है। इन कर्मचारियों का पूरा ब्यौरा जुटा लिया गया है। अब इस सूची को शासन को भेजने की तैयारी है हालांकि अधिकारियों का कहना है यह अंतिम सूची नहीं है। आने वाले दिनों में इसे संशोधित भी किया जाएगा। बता दें, हाईकोर्ट चुनावी ड्यूटी के दौरान मृत हुए कर्मचारियों को लेकर काफी सख्ती बरत रहा है।
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चुनावी ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए अनुग्रह राशि के भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कई जनपदों से भेजे गए प्रस्तावों पर शासन ने मुहर भी लगा दी। शासन ने इस संबंध में पिछले सप्ताह विस्तृत गाइड लाइन जारी की थी। इसमें निर्धारित प्रारूप में विभागवार कर्मचारियों से सूचनाएं मांगी गई थीं। ड्यूटी के दौरान मृत कर्मचारियों के बावत अलग से सूची एवं अन्य विवरण मांगे गए हैं। शनिवार तक चुनावी ड्यूटी के दौरान मृत 30 कर्मचारियों के ब्योरे तैयार कर लिए गए। इनमें 15 शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी हैं। शेष 15 कर्मचारी राजकीय लघु सिंचाई, सहकारिता, उप्र निर्माण निगम, मनरेगा एवं एनआरएलएम से जुड़े हैं हालांकि यह सूचनाएं बुधवार तक भेज दी जानी थीं लेकिन, डेढ़ दर्जन से अधिक विभागों ने अभी तक सूचना उपलब्ध नहीं कराई। ऐसे में अधिकारियों ने इन महकमों से भी सूचनाएं मांगी हैं। इनको अब दूसरे चरण में भेजा जाएगा। उधर, निर्वाचन आयोग ने चुनावी ड्यूटी की अवधि भी तय की है। इसके मुताबिक प्रशिक्षण, मतदान और मतगणना के लिए अलग-अलग समयावधि निर्धारित की गई है। इस दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिजनों को तीस लाख रुपये की सहायता की जाएगी। कोविड-19 से संक्रमित होने पर हुई मुत्यु पर भी यह मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट एवं एंटीजेन टेस्ट रिपोर्ट के साथ अन्य दूसरी रिपोर्ट देनी होगी। वहीं, दुर्घटना में हुई मृत्यु के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दिए जाएंगे। दुर्घटना होने पर सात लाख रुपये दिए जाएंगे। मुख्य विकास अधिकारी के मुताबिक जिन विभागों से सूची नहीं आई, उनसे सूचनाएं मांगी गई हैं।
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