झांसी। स्वास्थ्य विभाग की डीपीएमयू (डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट) ने बबीना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। वहां आठ कर्मचारी अनुपस्थित मिले। केंद्र पर एक्स-रे टेक्नीशियन के अवकाश पर होने के कारण एक्स-रे मशीन बंद थी। प्रसूताओं की रिपोर्ट में भी गड़बड़ी थी। गायब कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए टीम ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है, जिससे कर्मचारियों में हड़कंप है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद यादव के निर्देश पर शुक्रवार को बबीना सामुदायिक केंद्र पहुंची डीपीएमयू की टीम को स्टाफ नर्स अलका, सरिता व विकास मसीह बिना बताए गैरहाजिर मिले। संविदा कर्मी कमलेश, प्रियंका पटेल, पुष्पेंद्र व जय प्रकाश अवकाश पर बताए गए, जबकि अवकाश का आवेदन प्रभारी चिकित्सक के पास नहीं था। सीएचसी पर एक बजे से डाटा इंट्री ऑपरेटर ब्रजेंद्र कुमार गायब थे। जिस पर निरीक्षकों ने नाराजगी जाहिर की। टीम ने पाया कि स्वास्थ्य केंद्र में पांच माह से इंटरनेट खराब है, जिससे जेएसवाई सहित दूसरी योजनाओं की रिपोर्टिंग बाधित है। साथ ही केंद्र का एक्स-रे बंद मिला। डेंटल सर्जन की तैनाती भी नहीं थी। टीम को स्वास्थ्य केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रसूताओं की रिपोर्ट में भी गड़बड़ी मिली। एक रिपोर्ट में अप्रैल माह में चार गंभीर एनीमिया से पीड़ित प्रसूताओं का रिकार्ड दर्ज था, जबकि दूसरी रिपोर्ट मेें 26 प्रसूताएं हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पाईं गईं।
टीम को परिसर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य गारंटी कार्यक्रम (आरबीएसके) का वाहन खड़ा मिला। पूछने पर बताया गया कि टीम फील्ड में गई है। वाहन के परिसर में होने के सवाल पर प्रभारी चिकित्सक ने बताया कि दवा लेने के लिए वाहन दोबारा स्वास्थ्य केंद्र आया है। कुछ देर बाद आरबीएसके की टीम स्वास्थ्य केंद्र पर लौट आई। टीम ने बताया कि शास्त्री नगर आंगनबाड़ी केंद्र के 52 बच्चों का परीक्षण किया गया है। इस दौरान खुलासा हुआ कि आरबीएसके टीम के दो सदस्य ऋशु सिंह व सचिन देव फील्ड पर नहीं गए थे। बाद में टीम के सदस्यों ने आशा संगिनी की बैठक में हंसारी की आशा संगिनी समेत चार को आठ माह से निष्क्रिय पाया। निरीक्षण टीम में डीपीएम ऋषि राज सिंह एवं डीसीपीएम प्रशांत कुमार शामिल रहे।