संवाद न्यूज एजेंसी
झासी। हर ब्लॉक में एक-एक ऐसे तालाब का चयन किया गया है, जो आसपास के गांवों के लिए उपयोगी हों। इन्हें अपशिष्ट जल और प्लास्टिक से मुक्त कर मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। विभाग ने आठ तालाबों का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। धनराशि आवंटित होने के बाद इन पर काम शुरू कराया जाएगा।
कई तालाब ऐसे हैं जिनमें नाली का गंदा पानी सीधे गिरने के साथ प्लास्टिक कचरा भी डाला जाता है। इससे पानी दूषित हो जाता है और यह उपयोग लायक नहीं रहता। अब मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी अभियान के तहत तालाबों की व्यापक सफाई कर सुंदरीकरण किया जाएगा। तालाबों के आसपास से कूड़ा हटाया जाएगा और गंदे पानी को सीधे तालाब में जाने से रोकने के लिए शुद्धिकरण प्रणाली अपनाई जाएगी। तालाबों के किनारे दो मीटर चौड़ा रास्ता (पाथ-वे) बनाया जाएगा ताकि ग्रामीण वहां टहल सकें। पर्यावरण संरक्षण के लिए किनारों पर नीम, पीपल और बरगद जैसे छायादार पौधे लगाए जाएंगे।
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यह है अपशिष्ट जल : घरों में इस्तेमाल किया गया वह जल अपशिष्ट होता है, जिसमें मल-मूत्र नहीं होता। यह पानी मुख्य रूप से नहाने, हाथ धोने, कपड़े धोने और सिंक से निकलता है। साबुन, डिटर्जेंट और भोजन के इसमें अवशेष हो सकते हैं। इसे उपचारित कर सिंचाई, टॉयलेट फ्लशिंग और धुलाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऐसे किया चयन
0 कितने परिवारों का अपशिष्ट पानी तालाब में गिर रहा है।
0 कितनी नालियों से पानी तालाब में जा रहा है।
0 अपशिष्ट पानी के लिए प्रबंधन की स्थिति
0 मॉडल तालाब बनने से पहले और बाद में पानी की लैब टेस्टिंग रिपोर्ट
यहां संवारे जाएंगे तालाब
ब्लॉक
ग्राम पंचायत
बबीना बबीना देहात बड़ागांव बराठा बामौर बामौर बंगरा पलरा चिरगांव अम्मरगढ़ गुरसराय टहरौली किला
मऊरानीपुर स्यावरी मोठ लोहागढ़
तालाबों को मॉडल बनाने के साथ ही गहरीकरण भी कराया जाएगा। पानी को उपयोग लायक बनाने के लिए उसमें गिरने वाले अपशिष्ट जल को रोका जाएगा। आठ तालाब के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।
-बालगोविंद श्रीवास्तव, डीपीआरओ