महोबा और कुलपहाड़ के बीच महाकौशल एक्सप्रेस हादसे में फंसे दस सुरक्षित कोचों को आठ घंटे बाद झांसी लाया गया। साथ ही चार बसों से भी दो सौ यात्री झांसी लाए गए। यहां आने के बाद यात्री राहत तो महसूस कर रहे थे, लेकिन हादसे का खौफ उनके चेहरे पर झलक रहा था। इस दौरान 95 चुटहिल यात्रियों का स्टेशन पर उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया। इनमें झांसी का कोई यात्री नहीं था। वहीं, गंभीर रूप से घायल यात्री अंतुराम को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इलाहाबाद रेल रूट पर बुधवार की रात 2.07 बजे जबलपुर से निजामुद्दीन जाने वाली 12189 महाकौशल एक्सप्रेस की आठ बोगियां पलटने से सौ के करीब यात्री चुटहिल हो गए। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के आगे के दस सुरक्षित कोचों को घटनास्थल से सुबह 6.45 बजे रवाना कर झांसी 10.27 बजे लाया गया। इसमें सात स्लीपर, दो जनरल और एक गार्ड लगेजवान कोच शामिल था। ट्रेन के झांसी आने पर यात्रियों के लिए खानपान की व्यवस्था की गई। साथ ही चुटहिल यात्रियों का डॉ. विनायक ने उपचार किया। इसमें 45 आरक्षित और 50 अनारक्षित कोच के यात्री शामिल थे। सभी को मामूली चोटें आई थीं। इधर, मेडिकल कॉलेज में भी गाजियाबाद निवासी बालाजी राजन, अनुराधा, संजीव और हरियाणा के पलवल निवासी मनुज का उपचार किया गया।
बाद में ट्रेन से तीन एसी, दो स्लीपर, एक जनरल कोच और जोड़ा गया, जिनमें चार बसों से झांसी लाए गए यात्रियों को समायोजित किया गया। ट्रेन को 11.33 बजे निजामुद्दीन स्टेशन के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं, देर रात शाम इलाहाबाद रूट का यातायात सुचारू कर दिया गया।