झांसी। शनिवार को 29वें रमजान पर चांद नजर नहीं आया। शाम को रोजा खोलने बाद उलेमा भी चांद देखते रहे, लेकिन देर शाम कहीं से भी चांद दिखने की तस्दीक नहीं हुई। उलेमाओं ने दिल्ली व लखनऊ संपर्क भी साधा है।
मुफ्ती साबिर कासमी ने बताया कि चांद के नजर नहीं आने के कारण अब ईद सोमवार को मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि न तो चांद नजर आया है और न ही देर रात तक कोई शहादत आई है। अब ईद सोमवार को ही मनाने का निर्णय लिया गया है। लॉकडाउन का पालन कर लोग घरों में ईद की नमाज अदा करें। बिना वजह सड़कों पर न निकलें।
नमाज़ मग़रिब रूयत ए हिलाल कमेटी की मीटिंग मदरसा इस्लामिया अरबिया तालीमुल क़ुरआन मस्जिद बिसाती बाज़ार में मौलाना मुहम्मद आमिल क़ासमी की अध्यक्षता में हुई। किसी को चांद नज़र नहीं आया! इस पर सहमति बनी कि 25मई को ईद उल फितर होगी। कमेटी के अध्यक्ष मौलाना आमिल क़ासमी ने अपील की है कि लोग एहतियात और सब्र से काम लें और लॉकडाउन और उसके नियमों का पालन करें। ईद की नमाज़ में मुल्क और क़ौम व मिल्लत के लिए दुआ करें। बैठक में हाजी मौलाना हाशिम साहब, मौलाना फखरुद्दीन कासमी, मौलाना इदरीस कासमी, मुफ्ती अनस हाफिज, अशफ़ाक मुफ्ती, आरिफ नदवी आदि मौजूद रहे।
चांद देखने को भी रोजेदार रहे बेताब
एक माह से रोजे कर रहे रोजेदार ईद के चांद के दीदार को बेताब नजर आ रहे थे। रोजेदार शाम ढलते ही चांद देखने के लिए लोग मस्जिद व छतों पर आ गए । देर तक छतों पर लोगों का मेला लगा रहा और उनकी आंखें आसमान को निहारती रहीं। कई लोगों ने आपस में जानकारियां भी जुटाई। बाद में चांद के नजर नहीं आने पर लोगों ने घरों में ही तरावीह की नमाज अदा की। रात तक नमाज व दुआओं का दौर घरों में चलता रहा।