झांसी। प्रदेश परिवहन निगम अब दिव्यांग यात्रियों की सुविधा व परिचालक की झंझट खत्म करने जा रहा है। निगम झांसी डिपो से पांच हजार दिव्यांगों को स्मार्ट कार्ड देगा। जिससे उनकी यात्रा आसान हो। इससे फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र से यात्रा करने वालों पर नकेल कसकर राजस्व की हानि से बचाया जा सकेगा।
इस स्मार्ट कार्ड के बाद कंडक्टर के साथ आए दिन होने वाली कहासुनी भी थम जाएगी। कार्ड पर लगे स्कैनर से इसे इलैक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) से स्कैन किया जा सकेगा। यात्री का विवरण मिलने के बाद उसे शून्य किराये का टिकट जारी कर दिया जाएगा। यह कार्ड बस अड्डों के काउंटर से जारी किए जाएंगे। झांसी डिपो से हर माह करीब तीन हजार दिव्यांग रोडवेज की बसों से मुफ्त यात्रा करते हैं। इसका लाभ 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हुए लोगों को मिलता है। उनके साथ एक सहयोगी को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है। वहीं, रोडवेज के पास डाटा उपलब्ध न होने की वजह से आए दिन यात्रियों और परिचालकों में झगड़े होते हैं। यह समस्या खत्म हो जाएगी।
वर्जन
दिव्यांगों के लिए स्मार्ट कार्ड बनाने के आदेश मुख्यालय से मिले हैं। इसके तहत दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग से डाटा मांगा गया है। जल्द ही कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - लोकेश राजपूत, सेवा प्रबंधक परिवहन निगम