झांसी। जेल में बंद सपा के पूर्व गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व विधायक को समन जारी किया है, जो जेल में तामील कराया जाएगा। इसके अलावा ईडी की जांच की जद में पूर्व विधायक से जुड़े कुछ और लोग भी आ सकते हैं।
कुख्यात लेखराज सिंह यादव को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने 26 सितंबर को पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय की प्रयागराज यूनिट ने उन पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। पूर्व विधायक पर आय से 23 करोड़ रुपये का अधिक व्यय करने के मामले में यह एफआईआर दर्ज की थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद ईडी ने आगे की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ा दी है।
इस मामले में ईडी की प्रयागराज यूनिट की ओर से दीपनारायण को समन जारी किया गया है, जिसके जरिये इस मामले में उन्हें अपना बयान दर्ज कराने को कहा गया है। इसके लिए पूर्व विधायक से पूछताछ करने ईडी की टीम जल्द झांसी भी आ सकती है। इसके अलावा ईडी ने ऐसे लोगों की सूची बनाना भी शुरू कर दिया है, जिनकी दीपनारायण से कारोबारी साझेदारी है। इनमें कई बिल्डर भी शामिल है। ये सभी भी ईडी की जांच के दायरे में आ सकते हैं।
48 घंटे की पुलिस रिमांड के बाद भेजा जेल
झांसी। कुख्यात लेखराज को भगाने की कोशिश करने के मामले में पुलिस ने रविवार को पूर्व विधायक को 48 घंटे की रिमांड पर लिया था। उनके साथ एक अन्य आरोपी अनिल यादव उर्फ मामा को भी रिमांड पर लिया गया था। इस दौरान पूर्व विधायक व अनिल यादव को आमने-सामने बैठाकर पुलिस की कई टीमों ने घटना के संबंध में पूछताछ की। इसके अलावा दोनों से अलग-अलग भी पूछताछ की गई। सोमवार को दीपनारायण को सेमरी टोल प्लाजा भी ले जाया गया था, जहां पुलिस ने क्राइम सीन दोहराया था। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान घटना के संबंध में पुलिस के हाथ कई अहमद सुराग लगे हैं।