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सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए ‘संजीवनी’ बनेगा आर्थिक पैकेज

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झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमणकाल से गुजर रहे देश में रोजगार और कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। खासतौर पर सूक्ष्म और लघु उद्योगों की इस महामारी ने कमर तोड़ दी है। कारोबार और रोजगार में नई जान फूंकने के लिए मंगलवार को प्रधानमंत्री ने विशेष आर्थिक पैकेज का एलान किया था, जिसकी बुधवार को विस्तृत व्याख्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। वित्त मंत्री ने एमएसएमई को बिना गारंटी तीन लाख करोड़ का कर्ज देने का एलान किया। साथ ही, अन्य राहत की घोषणा की। केंद्र सरकार की इस पहल को उद्यमियों ने हाथों हाथ लिया है। उनका कहना है कि इससे देश का सूक्ष्म और लघु उद्योग का आत्म विश्वास बढ़ेगा।
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वित्तमंत्री ने एमएसएमई को बगैर गारंटी को तीन लाख रुपये के कर्ज की घोषणा की है। इससे पुराने उद्यमों को तो लाभ होगा ही। साथ ही नए उद्यमियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
- हरिमोहन बंसल, अध्यक्ष - बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स
कोरोना वायरस के संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित सूक्ष्म और लघु उद्यमी हुए हैं। लेकिन, केंद्र सरकार की विशेष आर्थिक पैकेज देने की पहल उद्योगों को उबारने का काम करेगी।
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- धीरज खुल्लर, महासचिव - बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स
दो सौ करोड़ रुपये तक के वैश्विक टेंडर नहीं करने का फैसला सराहनीय है। इससे भारतीय उद्यमियों को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के असीम अवसर सृजित होंगे।
- राजेश शर्मा, अध्यक्ष - चैंबर ऑफ स्मॉल एंड माइक्रो इंडस्ट्री
लॉकडाउन के दरम्यान प्रोजेक्ट पूरे करने वाले रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए रजिस्ट्रेशन और कंपलीशन का समय छह महीने बढ़ाकर इस सेक्टर को मजबूत करने का काम किया गया है।
- अशोक आनंदानी, उद्यमी
मंदी और उसके बाद लॉकडाउन की वजह से तमाम सूक्ष्म और लघु उद्यम दम तोड़ने की कगार पर पहुंच चुके थे, परंतु सरकार ने विशेष आर्थिक पैकेज देकर नई जान फूंकने का काम किया है।
- साकेत गुप्ता, उद्यमी
लघु और सूक्ष्म उद्योग बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने का काम करते हैं। इनकी मदद कर सरकार ने देश में रोजगार को बढ़ावा दिया है। इस क्षेत्र में स्वरोजगार के भी तमाम अवसर बढ़ेंगे।
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- पवन शिवहरे, उद्यमी
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