राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा के संयोजक और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि जब बसपा संघर्ष के दौर से गुजर रही थी, तब नारा लगाते थे कि ‘कांशीराम तेरी नेक कमाई, गरीबों के काम आई।’ लेकिन, अब नारा लग रहा है कि ‘कांशीराम तेरी नेक कमाई, मायावती ने बेच खाई।’ उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है, उस पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। इसलिए पहले फैसले का अध्ययन करेंगे, इसके बाद ही कुछ कहेंगे। वह ज्यादातर सवालों पर कन्नी काटते नजर आए। यह जरूर कहा कि वह अगले साल राजनीतिक दल बनाएंगे।
मंगलवार को राजकीय संग्रहालय में आयोजित सम्मान समारोह में हिस्सा लेने आए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पत्रकारों से कहा कि महागठबंधन की चर्चाएं अभी चल रही हैं। अभी उनका संगठन गैर राजनीतिक दल है, इसलिए गठबंधन में शामिल होने के बारे में कुछ नहीं कह सकते। एक साल बाद जब वह राजनीतिक दल बनाएंगे, तब इस बारे में सोचेंगे। बसपा से निष्कासित कर दिए जाने के बाद भी एमएलसी पद से इस्तीफा नहीं देने के सवाल पर कहा कि बसपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया है, विधान परिषद में भी पार्टी ने लिखकर दे दिया है, इसलिए पद छोड़ने का कोई सवाल नहीं है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनना चाहिए या नहीं के जवाब में उन्होंने कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का फै सला नहीं आ जाता, तब तक कुछ भी नहीं कह सकते। योगी सरकार के कामकाज के बारे में भी उन्होंने कुछ नहीं कहा।