अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शासन के निर्देश के बावजूद ज्यादातर विभाग ई-ऑफिस लागू करने में पिछड़ गए हैं। हाल ये है कि 78 में से 51 विभागों में ई-ऑफिस लागू नहीं हो पाया है। इन विभागों के ज्यादातर अधिकारियों और कर्मचारियों की ई-मेल आईडी तक नहीं बन पाई है।
ई-ऑफिस प्रदेश सरकार के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कार्यक्रम के तहत मिशन मोड प्रोजेक्ट (एमएमपी) है। यह सॉफ्टवेयर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश सरकार के अंतर्गत आने वाले सभी विभागों और कार्यालयों में होने वाले समस्त कार्यों/प्रक्रियाओं को प्रभावी और पारदर्शी बनाना है। ई-ऑफिस प्रणाली से कार्यालय के सभी पत्र, फाइल संबंधित कार्य ऑनलाइन हो जाएंगे। इससे दस्तावेज को सुरक्षित रखने से लेकर फाइल और कोई भी पत्र खोजने में भी आसानी होगी। इससे समय की भी बचत होगी। मगर झांसी जनपद में महज एक तिहाई विभाग ही ई-ऑफिस हो पाए हैं। ज्यादातर विभागों में मैनुअल ही कामकाज हो रहा है।
डीएम ने जारी किया नोटिस
कलक्ट्रेट सभागार में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के लिए विभागवार कार्रवाई की समीक्षा बैठक में डीएम मृदुल चौधरी ने कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। उन्होंने तीन दिन में कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि सभी पटलों पर ई-ऑफिस प्रणाली लागू की जाए। इसके बाद फाइलें लेकर दफ्तरों तक नहीं जाना होगा। पोर्टल के जरिये फाइलें एक से दूसरे अधिकारी तक पहुंचेंगी। उन्होंने ई-ऑफिस के क्रियान्वयन के लिए राजस्व विभाग में एडीएम वित्त एवं राजस्व और विकास विभाग में सीडीओ को नोडल अधिकारी बनाया है। इस दौरान सीडीओ जुनैद अहमद, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अक्षय दीपक, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, एडीएम वित्त वरुण कुमार पांडेय, एडीएम नमामि गंगे योगेंद्र कुमार, डीडीओ सुनील कुमार, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता मौजूद रहे।