झांसी। बारिश के दौरान दतिया गेट से अलीगोल जाने वाले मार्ग पर शनिवार की सुबह अलग- अलग दूरी पर लगे दो बिजली के जर्जर खंभे गिर गए। इससे वहां पर रहने वाले लोगों में अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हो सका।
महानगर के कई स्थानों पर वर्षों पुराने खंभे लगे हैं, जिन पर तारों का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। ये खंभे वक्त के साथ जर्जर भी हो रहे हैं। मगर बिजली विभाग ऐसे खंभों को बदलने पर ध्यान नहीं दे रहा है। बारिश में ऐसे खंभों से हमेशा हादसे का डर बना रहता है। शनिवार की सुबह करीब 9.30 बजे दतिया गेट से अलीगोल की तरफ जाने वाले रास्ते पर ऐसे ही दो जर्जर खंभे (एक लोहे व एक सीमेंट का) बारिश के दौरान गिरकर सामने के मकानों पर जाकर टिक गए। इससे मकानों की दीवारें भी
क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे को देख मौके पर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि खंभे नीचे आकर रास्ते में नीचे आकर नहीं गिरे। खंभों के गिरने के बाद उनका करंट भी हो गया। अन्यथा किसी भी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता था। देर शाम खंभों को बदला गया। घटना के कारण दिन भर संबंधित क्षेत्र की बिजली बंद रही, जिससे लोग परेशान रहे।
हमारे क्षेत्र में कई जर्जर खंभे लगे हैं, जिनसे हर समय हादसे का डर बना रहता है। बिजली विभाग उनको बदलने पर ध्यान नहीं दे रहा है। अखलाक मकरानी, पूर्व पार्षद।
बारिश में लोहे के खंभे में करंट आने लगता है। कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का हल नहीं निकल सका। जयप्रकाश।
जर्जर खंभों को बदलने की शिकायत बिजली विभग के पोर्टल पर की थी, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन आज खंभे गिर गए। जगदीश प्रजापति।
जिस वक्त खंभे गिरे, उस समय सड़क पर लोगों का आवागमन बहुत कम था। अन्यथा कोई भी उसकी चपेट में आ सकता था। जितेंद्र।
झांसी। पंचकुइयां से खंडेराव गेट की तरफ जाने वाली सड़क पर किले की तरफ लगा एक सूखा पेड़ बारिश के दौरान गिर गया। पेड़ बाइक पर जा रहे सिपाही सुरेश और होमगार्ड के पास जाकर गिरा। गनीमत रही कि वे चुटहिल होने से बच गए। घटना को देख मौके पर लोगों की भीड़ लग गई।
शनिवार की दोपहर करीब 12.30 बजे पंचकुइयां से खंडेराव गेट की तरफ जाने वाली सड़क पर किले की ओर लगा सूखा पेड़ बारिश के दौरान गिर गया। उस वक्त सिपाही सुरेश एक होमगार्ड के साथ बाइक से मौके से गुजर रहे थे। पेड़ उनकी बाइक के पास गिरा। गनीमत रही कि वे चुटहिल होने से बच गए।