झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए लागू किए गए लॉकडाउन व इससे पैदा हुईं अन्य विपरीत परिस्थितियों का असर सरकार की कमाई पर भी पड़ा है। इसका अंदाजा सरकार के कमाऊ पूत माने जाने वाले महकमों को मिले राजस्व वसूली के लक्ष्य को देखकर लगाया जा सकता है। सभी विभाग लक्ष्य के मुताबिक राजस्व इकट्ठा नहीं कर सके। बल्कि, इसमें काफी पीछे रह गए हैं। जबकि, वित्तीय वर्ष की समाप्ति में एक माह ही शेष है।
सरकार अपने विभागों के जरिये राजस्व इकट्ठा करती है। इसके लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में राजस्व से जुड़े विभागों का लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। सरकार की कमाई में वाणिज्य कर, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, माल वाहन एवं यात्रीकर, आबकारी, खनिज, मंडी व भू-राजस्व का बड़ा हिस्सा होता है। लेकिन, इनमें से किसी भी मद में जनवरी माह तक सरकार द्वारा तय किया गया राजस्व लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है। विभाग राजस्व वसूली में पीछे रह गए हैं। इसकी वजह बंद रहे कामकाज और कारोबार को बताया जा रहा है। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2020-21 के आखिरी महीनों में राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल करने के लिए विभाग पूरा जोर लगाए हुए हैं। हाल ही में परिवहन व बिजली विभाग द्वारा पांच करोड़ रुपये के बकाए की वसूली के लिए आठ सौ बकाएदारों की आरसी काटी गईं हैं।
विभागों की ये रही वसूली
झांसी। वाणिज्य कर विभाग का जनवरी तक का लक्ष्य 715 करोड़ रुपये था, इसके सापेक्ष विभाग 67 प्रतिशत 477 करोड़ ही जुटा पाया। स्टांप एवं रजिस्ट्र्रेशन से 227 करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, परंतु वसूली 74 प्रतिशत ही हो पाई। माल, वाहन व यात्रीकर से 111 करोड़ के सापेक्ष 77 करोड़ ही हासिल हो पाए। आबकारी विभाग 336 करोड़ के मुकाबले 271 करोड़ ही प्राप्त कर सका। खनिज से 232 करोड़ के मुकाबले 152 करोड़ की ही कमाई हुई। भू - राजस्व से 1.43 करोड़ के मुकाबले 1.26 करोड़ रुपये का ही राजस्व हासिल हुआ।
सभी विभागों को शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्य के अनुसार वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व प्राप्ति की लगातार रिपोर्ट ली जा रही है। वसूली में लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी