आठ महीने बाद अपने बेटे से मिलने के बाद मां ने उसे दुलारा।
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सर्जरी वार्ड में भर्ती युवक आठ महीने बाद अपने परिवार से मिल गया। झांसी से लगभग साढ़े सात सौ किलोमीटर दूर बैठी मां को अमर उजाला की खबर के जरिए बेटे की जानकारी हुई। वृद्ध मां से एक पल भी नहीं रहा गया और वह अपने लाल को लेने के लिए आ गई। बेटे को देखते ही मां भावुक हो गई। उन्होंने इलाज करने वाले चिकित्सकों का भी आभार जताया और बेटे को वापस घर ले गईं।
मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में एक युवक 21 जून को दुर्घटना का शिकार होने की वजह से भर्ती था। युवक अपना नाम परमजीत पुत्र जय सिंह और मां का नाम बरहयात कौर बता रहा था। जबकि, निवास स्थान एलआईसी-1, हाउसिंग बोर्ड, भिलाई नगर, दुर्ग छत्तीसगढ़ बताया। इसकी खबर भी अमर उजाला ने प्रकाशित की थी। ये खबर सोशल मीडिया पर शेयर हुई। धीरे-धीरे यह खबर युवक की कॉलोनी के रहने वाले एक व्यक्ति के पास पहुंच गई। उसने युवक की मां को सूचना दी। युवक की वृद्ध मां अपने पुत्र को लेने के लिए मंगलवार को झांसी आ गईं। बेटे को देखते ही मां के आंसू छलक पड़े। मां ने बेटे को दुलारा और फिर इलाज करने वाले डॉक्टरों का भी आभार जताया। सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने बताया कि युवक जनवरी में पंजाब से लौटते समय ट्रेन से उतर गया था। किसी तरह वह भटकता हुआ झांसी आ गया। वह मानसिक रूप से भी थोड़ा कमजोर है। इसके कुछ दिनों बाद कोरोना का प्रकोप बढ़ने से लॉकडाउन हो गया। इस पर परिजन मान बैठे कि अब उनका बेटा इस दुनिया में नहीं होगा। मगर अमर उजाला की खबर सोशल मीडिया पर शेयर होकर परिजनों तक पहुंच गई। इससे बिछड़ा हुआ बेटा अपनी मां के पास पहुंच गया।