झांसी। कोरोना काल में विकास कार्यों के लिए मिलने वाले अनुदान पर भी केंद्र सरकार ने कैंची चला दी है। केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग के तहत जारी की गई पहली किस्त में करीब तीन करोड़ रुपये की कटौती की है। इस अनुदान को महानगर में बुनियादी सेवाओं पर खर्च किया जाना है।
कोरोना के चलते सरकार लगातार खर्च में कटौती को लेकर निर्देश जारी कर रही है। पिछले दिनों शासन ने कोरोना और लॉकडाउन के चलते खर्च में 25 फीसद की कटौती करने के निर्देश दिए थे। अब केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग के तहत पहली किश्त में तीन करोड़ रुपये की कैंची चलाई है। पिछले साल 14वें वित्त आयोग के तहत नगर निगम को पहली किस्त के तौर पर 17 करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन इस बार 15वां वित्त आयोग लागू होने के बाद पहली किस्त में 14,19,44,981 रुपये मिले हैं। इसके चलते नगर निगम विकास कार्यों में कटौती करेगा। इस राशि को नाली निर्माण, सड़क सुधार, श्मशान घाट, संपत्ति की सुरक्षा समेत तमाम कार्यों पर खर्च किया जाएगा। वहीं प्रदेश के 10 नगर निगम को वित्त आयोग के तहत पहली किस्त दी गई है। लेखाधिकारी राजकिशोर ने बताया कि 15वें वित्त आयोग की पहली किस्त मिल चुकी है। इसमें शासन की ओर से कटौती की गई है। 15वें वित्त आयोग के तहत नया खाता भी खोला गया है।
14वें वित्त आयोग के कार्यों की बढ़ी सीमा
केंद्र सरकार हर पांच साल बाद वित्त आयोग बदलती है। 31 मार्च 2020 तक लागू रहे 14वें वित्त आयोग के कार्यों की समय सीमा को शासन ने बढ़ा दिया है। पहले इन कार्यों को 31 मार्च तक संपन्न कराना था। जिसे अब 31 जुलाई तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।