झांसी। कोविड-19 की वजह से इस दफा सामूहिक विवाद भी नहीं कराए जाएंगे। वित्त विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही बीत जाने के बावजूद भी इसका बजट जारी नहीं किया। उम्मीद जताई जा रही कि इस बार ऐसी सभी योजनाओं के बजट शून्य कर दिए जाएं।
राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह, अल्पसंख्यक समुदाय के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों को अनुदान, पिछड़े वर्ग के व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान, शारीरिक अक्षम के विवाह अनुदान, सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्ति के लिए अनुदान, अनुसूचित-अनूसूचित जनजाति की पुत्रियों को विवाह के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराती है। झांसी में सामूहिक विवाह समेत अन्य योजनाओं के लिए जरिए पिछले वर्ष 700 लाभार्थियों की मदद की थी। विवाह अनुदान के लिए वित्तीय वर्ष के आरंभ होते ही बड़ी संख्या में आवेदक समाज कल्याण विभाग समेत अन्य विभागों में चक्कर काटने लगते हैं लेकिन, इस बार सरकार ने इनके लिए जारी होने वाले बजट को ही रोक दिया। पहली तिमाही खत्म होने के बाद भी कोई बजट जारी नहीं हुआ जबकि तमाम लोग आवेदन लेकर विभागों तक पहुंच रहे हैं। कुछ दिनों पहले वित्त विभाग के उपसचिव रामरतन ने शासनादेश के जरिए साफ किया था कि अब इन सभी अनुदानों के लिए वित्त विभाग की सहमति से बजट जारी होगा लेकिन, अभी तक बजट को लेकर शासन की ओर से कोई बात नहीं कही गई। उप निदेशक जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी आरडी यादव का कहना है अभी स्थानीय स्तर पर इस संबंध में पत्र नहीं आया। शासन के निर्देश के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।