झांसी। सेना के कोच में दो महिलाओं के साथ हुई दुष्कर्म की घटना से सैन्य सुरक्षा में भी बड़ी चूक सामने आई है। जिस गाड़ी के कोच में घटना को अंजाम दिया गया है, उसमें सैन्य उपकरणों को ले जाया जाना था। ऐसे में इस संवेदनशील गाड़ी में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित था। बावजूद, दो महिलाओं को कोच में लाया गया और उनके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया, जिसका आरोप तीन सैन्य कर्मियों पर लगा है। इस मामले में आरोपी सैन्य कर्मियों पर राष्ट्रद्रोह तक का मुकदमा चलाया जा सकता है।
दिल्ली की ओर से आई सेना स्पेशल मालगाड़ी दो दिन से रेलवे स्टेशन के यार्ड में खड़ी हुई थी। इसे एक सप्ताह बाद यहां से जाना था। यहां से इसमें सैन्य उपकरणों को ले जाया जाना था। इसमें एक डिब्बा सुरक्षा में तैनात सैन्य कर्मियों के लिए अलग से लगाया गया था, जिसमें आरोपी तीनों सैन्य कर्मी तैनात थे। हालांकि, घटना वाले दिन तक यह गाड़ी खाली ही थी। सेना की ओर से इसमें अपने उपकरण लादे नहीं गए थे। बावजूद, इस गाड़ी में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रखा गया था, ताकि कोई इसमें बम या अन्य आपत्तिजनक सामग्री न छोड़ सके। लेकिन, इसकी परवाह किए बगैर कोच में दो महिलाओं को लाया गया और उनके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। इस घटना को सेना की सुरक्षा में भी बढ़ी चूक माना जा रहा है। आरोपी तीनों सैन्य कर्मियों के खिलाफ जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनमें से दो को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। अब सेना की ओर से भी इनकी बर्खास्तगी की कार्रवाई तय मानी जा रही है। साथ ही आरोपियों पर राष्ट्रद्रोह तक का मुकदमा चलाया जा सकता है।