झांसी। दो महिलाओं के साथ हुई दुष्कर्म की घटना के अगले दिन फोरेंसिक टीम ने सेना के कोच की पड़ताल की। इस दौरान टीम के हाथ कई अहम सबूत लगे हैं। कोच के भीतर चूड़ी के टुकड़े बिखरे पड़े हुए थे, जिससे माना जा रहा है कि घटना के दौरान सैन्य कर्मियों और पीड़ित महिलाओं के बीच जमकर जद्दोजहद हुई। इसके अलावा कई अन्य सबूत भी फोरेंसिंक टीम ने अपने कब्जे में लिए।
सेना के कोच में दो महिलाओं के साथ हुई दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना के बाद से रेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। सोमवार को मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष और जीआरपी के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुस्ताक ने कोच का जायजा लिया। इसके अलावा फोरेंसिक टीम भी तकरीबन डेढ़ घंटे तक घटना से जुड़े सबूत इकट्ठा करती रही। बताया गया कि कोच के भीतर चूड़ियों के टुकड़े बिखरे हुए थे। इसके अलावा आरोपी सैन्य कर्मियों के कपड़े व अन्य सामान भी अस्त-व्यस्त अवस्था में पड़ा हुआ था। इससे माना जा रहा है कि दुष्कर्म से बचने के लिए महिलाओं ने आरोपियों का जमकर विरोध किया। महिलाओं ने अपने बयान में भी कहा है कि कोच में घुसते ही आरोपी उनके साथ छेड़खानी करने लगे थे। इसका उन्होंने विरोध भी किया था। इसके बाद आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए उनके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था।
जीआरपी एसपी मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि फोरेंसिक टीम को कोच में घटना से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं। इनकी जांच कराई जाएगी।
शराब के नशे में धुत थे आरोपी
झांसी। घटना को अंजाम देने से पहले आरोपी सैन्य कर्मियों ने जमकर शराब पी थी। घटना के दौरान वे शराब के नशे में धुत थे। शराब की खाली बोतलें घटना के एक दिन बाद भी सेना के कोच के इर्दगिर्द बिखरी हुईं थीं। इसके अलावा आरोपियों ने मीट भी खाया था, जो घटना के बाद हुई जांच के दौरान कोच में रखा पाया गया।
पकड़े गए तो बोले गलती हो गई माफ कर दो
झांसी। महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना के आरोपी सैन्य कर्मी संदीप तिवारी व सुरेश रावत को जीआरपी ने घटना स्थल से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्हें जीआरपी थाने लाया गया था। यहां वे पुलिस के सामने घंटों गिड़गिड़ाते रहे। उनका कहना था कि उनसे बड़ी गलती हो गई है। इसकी वह माफी चाहते हैं।