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ऑक्सीजन की कमी से फूल गईं मरीजों की सांसें, नर्सिंगहोमों ने मरीजों को किया रेफर

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झांसी। देशभर में ऑक्सीजन को लेकर मचे हाहाकार का असर सोमवार को झांसी में भी देखने को मिला। नर्सिंगहोमों में भर्ती कोरोना मरीजों की ऑक्सीजन की कमी के चलते सांसें फूल गईं। ऐसे में नर्सिंगहोमों ने कई मरीजों को भर्ती नहीं किया तो कइयों को रेफर कर दिया। करगुवां मार्ग स्थित नर्सिंगहोम से तो मरीज भगाए जाने लगे। इस कारण एक मरीज को परिजन कई घंटे एंबुलेंस में ही ऑक्सीजन पर रखे रहे। कहीं भी बेड नहीं मिल पाने के कारण वह मरीज को ग्वालियर लेकर चले गए।
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रविवार को झांसी में ऑक्सीजन की कमी से चिंता सताने लगी थी। 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन की उपलब्धता की तुलना में महज 10 मीट्रिक टन ही ऑक्सीजन बची थी। इस मामले को अमर उजाला ने सोमवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। सोमवार को हालात खराब हो गए। कई नर्सिंगहोमों ने ऑक्सीजन की कमी का हवाला देते हुए मरीजों को भर्ती नहीं किया, तो कइयों ने रेफर करना शुरू कर दिया। इससे मरीजों की सांसें फूल गईं।
करगुवां मार्ग पर स्थित एक नर्सिंगहोम ने तो अपने यहां से मरीजों को डिस्चार्ज करना शुरू कर दिया। एक मरीज की हालत गंभीर होने पर परिजनों ने एंबुलेंस बुलाई और कई घंटे मरीज को उसी में रखे रहे। परिजन मरीज को भर्ती कराने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। नेताओं को भी फोन लगाया। मगर बेड उपलब्धता नहीं होने के कारण उसे लेकर ग्वालियर चले गए। हालांकि, औषधि प्रशासन विभाग ने दावा किया है कि रविवार की देर रात में ही सात मीट्रिक टन ऑक्सीजन आ गई थी। इसे नर्सिंगहोमों को सप्लाई भी कर दिया गया था।
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खपत से तीन मीट्रिक टन कम आई
झांसी में प्रतिदिन दस मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत है। रविवार देर रात सात मीट्रिक टन ऑक्सीजन आ पाई। ऐसे में झांसी को मांग के अनुसार तीन मीट्रिक टन कम ऑक्सीजन मिली। बताया गया कि अब रोज जिले में सात से दस मीट्रिक टन के बीच ऑक्सीजन की सप्लाई होगी।
रविवार रात में ही सात मीट्रिक टन ऑक्सीजन आ गई थी। इसे नर्सिंगहोमों को उपलब्ध भी करा दिया गया था। सिर्फ एक अस्पताल से मरीजों को रेफर करने का मामला सामने आया था। बातचीत करने पर बाद में स्थिति ठीक हो गई थी। जिले में बराबर ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। कोई भी परेशानी नहीं होगी। - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक।
मेरे सामने सात-आठ कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन नहीं होने पर नर्सिंगहोमों से भगाने के मामले आए हैं। इसके अलावा 20-25 मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं करने की शिकायत लेकर फोन आया। झांसी में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता की व्यवस्था शासन व प्रशासन को करनी चाहिए। - प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री।
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