डूडा ने स्वीकृत किए 12 हजार आवेदन, बैंकों ने साढ़े चार हजार रोके
झांसी। कोरोना काल में पटरी से उतरे रेहड़ी, पटरी दुकानदारोें के व्यापार को संभालने के लिए शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना का आवेदक आज भी इंतजार कर रहे हैं। योजना के तहत डूडा ने 12 हजार आवेदनों को बैंक भेजा, लेकिन बैंकों ने करीब साढ़े चार हजार आवेदन रोक दिए हैं। आवेदक बैंकों और दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं।
कोरोना काल में पटरी, रेहड़ी, सब्जी, ठेला, स्ट्रीट वेंडर और फेरी लगाने वाले सहित कई छोटे दुकानदारों के व्यवसाय को फिर से बसाने के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत आवेदक को दस हजार रुपये का बैंक ऋण मुहैया करने की व्यवस्था की गई है। बैंकों की रकम को चुकता करने के लिए शासन ने 12 आसान किस्तों में लोन को चुकाने का नियम तय किया गया। समय से ऋण अदा करने वालों के लिए सब्सिडी का भी प्रावधान दिया गया है। नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के रिकार्ड के अनुसार शासन द्वारा 12642 आवेदकों का लक्ष्य को तय किया गया था, जिसमें से अब तक कुल 8101 लोगों को योजना का लाभ मिल पाया है। जबकि 4541 लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
इस संबंध में जिला परियोजना अधिकारी संगीता सिंह ने बताया कि तय लक्ष्य के अनुसार सभी का ऋण स्वीकृत कर बैंकों में भेज दिया गया। बैंकों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। बैंकों में शिविर लगाकर कागजी कार्रवाई को पूरा कर ऋण मुहैया कराया जाएगा।
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कैंप लगाकर बांटे जाएंगे ऋण
संकल्प से सिद्धि अभियान के तहत डूडा कार्यालय द्वारा 12 व 14 जुलाई को बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाओं में शिविर लगाकर ऋण मुहैया कराया जाएगा। इसके तहत आंतिया तालाब, सीपरी, झोकनबाग, मेडिकल कॉलेज, कचहरी और सिविल लाइन स्थित शाखाओं में शिविर लगाया जाएगा।