अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बृहस्पतिवार को बीएसएनएल के एक कर्मचारी ने शराब के नशे में जमकर हंगामा किया। वह अपने कार्यालय के परिसर में लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसने पत्नी पर साले से पिटवाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उसका ट्रांसफर लखनऊ कराने की भी मांग रखी। अफसरों के आश्वासन देने पर वह नीचे आया।
कानपुर के गोलाघाट निवासी जयकुमार बीएसएनएल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। वह विभागीय क्वार्टर में परिवार के साथ रहता है। बृहस्पतिवार की शाम तकरीबन चार बजे वह कार्यालय परिसर में लगे टावर पर लगभग सौ फीट ऊपर चढ़ गया। ऊपर पहुंचकर वह चीखने-चिल्लाने लगा। सूचना पर मौके पर पहुंची सदर बाजार थाना पुलिस ने उसे नीचे आने को कहा लेकिन, वह नहीं माना। पत्नी मनाने पहुंची तो गाली-गलौज कर भगा दिया। तब वह दूर जाकर रोती रही। वह कह रहा था कि पत्नी का मायका झांसी में हैं।
पत्नी ने रात को अपने भाइयों को बुलाकर उसे पिटवाया है। पत्नी से क्वार्टर खाली कराओ और उसका तबादला लखनऊ कराओ। उसने कहा कि अगर वह नीचे उतरा तो पत्नी के मायके वाले उसे मारेंगे। इस पर पुलिस ने भरोसा दिया कि कोई नहीं मारेगा। अफसरों ने उसे ट्रांसफर कराने का भी भरोसा दिया। तब वह नीचे उतरा। इस दौरान वह कभी गाना गाता रहा तो कभी शायरी गुनगुनाता नजर आया। टावर से उतरने के बाद सदर बाजार थाना पुलिस उसे अपने साथ ले गई।
जयकुमार साल 2017 में भी टावर पर चढ़ गया था। पत्नी और बच्चों के गिड़गिड़ाने पर भी वह नीचे नहीं उतरा था। बाद में आर्मी के जवानों के कहने पर वह नीचे उतरा। सदर बाजार थाने के प्रभारी निरीक्षक एमपी सिंह ने बताया कि बीएसएनएल कर्मी शराब के नशे में था। उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है। उसके खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की जाएगी।
पत्नी बोली - शराब पीकर आए दिन करता है मारपीट
बीएसएनएल कर्मी की पत्नी वर्षा देवी ने कहा कि पति जयकुमार शराब पीकर आए दिन उससे और बेटियों के साथ मारपीट करता है। ड्यूटी पर न जाने की वजह से उसे पूरा वेतन भी नहीं मिलता। उसने लाखों रुपये कर्ज ले रखा है। पत्नी ने बताया कि एक साल से वह घर चलाने के लिए ब्यूटी पार्लर पर काम कर रही है। बुधवार रात तकरीबन आठ बजे जब वह घर पहुंची तो दोनों बेटियां घर के बाहर थीं। पति कमरे के अंदर लेटा था। किसी तरह अंदर गए तो पति ने खूब झगड़ा किया। देर रात पति गुटखा लेने बाहर निकला तो कमरा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद सुबह दोनों बेटियों को अपने मायके भिजवा दिया।