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Jhansi News: गरौठा-गुरसराय की पेयजल परियोजना अधूरी, मई 2022 में 85 करोड़ की लागत से शुरू किया गया था काम

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बालादीन राठौर

गरौठा। इस बार गरौठा और गुरसराय के लोगों को गर्मी में भरपूर पानी न मिलने से पेयजल संकट से जूझना पड़ेगा। क्योंकि ''''हर घर नल से जल'''' परियोजना का काम अबतक पूरा नहीं हो पाया है।



''''हर घर नल से जल'''' परियोजना के तहत गरौठा और गुरसराय की डेढ़ लाख आबादी को साफ एवं शुद्ध पानी पहुंचाने के उद्देश्य से मई 2022 में 85 करोड़ की लागत से काम शुरू कराया गया था। इस काम को दिसंबर 2023 में पूरा किया जाना था, लेकिन आलम यह है कि इस परियोजना के तहत महज पाइपलाइन डालकर, नल कनेक्शन दिए गए हैं, जो शोपीस बनकर रह गए हैं। ऐसे में इस बार गर्मियों में लोगों को फिर से पेयजल संकट से जूझना पड़ेगा।
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जल निगम के अधिकारियों के मुताबिक अभी एरच बहुउद्देशीय बांध से पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। पानी का स्टॉक करने के लिए गुरसराय एवं गरौठा में पानी की टंकी का निर्माण कार्य कराया है। वहीं, जलसंस्थान के कर्मचारियों ने बताया कि एरच से निकली बेतवा नदी पर बनाए जा रहे बांध का निर्माण कार्य पूरा न होने की वजह से यह योजना सुचारू नहीं हो पा रही है। अब अधिकारी जल निगम 2025 में पानी के परीक्षण का कार्य करने की बात कह रहे हैं।
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इस संबंध में उपजिलाधिकारी गरौठा अवनीश कुमार तिवारी ने बताया कि परियोजना के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। अगर पाइपलाइन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, तो अभी तक पानी की आपूर्ति सुचारू क्यों नहीं की गई है। अगर कोई विभागीय समस्या है तो इसको जल्द से जल्द दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।

बातचीत





घर तक पानी पहुंचाने की योजना बेहतर है लेकिन यह योजना अभी तक सुचारू क्यों नहीं हो पाई। - गिरीश खरे, अधिवक्ता

योजना का कार्य अधर में लटका होने की वजह से इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। - अरुण कुमार मिश्रा, नगर पंचायत अध्यक्ष गरौठा

गरौठा एवं गुरसराय के लोगों को आने वाली गर्मी में भी पेयजल संकट से जूझना पड़ेगा। - दयाशरण गुप्ता, पूर्व सभासद

विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण नगरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - हारून खान, सभासद
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