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विकास के सपने, कब होंगे अपने

Mon, 13 Jun 2016 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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overwride, jhnasi news - फोटो : demo
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झांसी। मुख्यमंत्री बनने के ठीक बाद 27 सितंबर 2012 को झांसी आए अखिलेश यादव ने झांसी के विकास के लिए कई योजनाओं की घोषणा की थी। उसमें से कई पूरी हो गईं, लेकिन कुछ अभी भी अधूरी हैं। तय समय पर काम पूरा न होने से झांसी के लोग परेशानी झेल रहे हैं। अब विधानसभा चुनाव करीब है, तो संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह हर हाल में काम जल्द पूरा करें। एक नजर विकास कार्यों पर.....
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 सीपरी बाजार ओवरब्रिज अधूरा
सीपरी बाजार में ओवरब्रिज का निर्माण जून 2016 में पूरा होना था। राज्य सेतु निगम ने अपने हिस्से का 96  फीसदी काम पूरा कर लिया है। रेलवे को ब्रिज का 122 मीटर का हिस्सा बनाना है। रेलवे ने यह काम अभी दो माह पूर्व शुरू किया है। तय समय में काम पूरा होना संभव नहीं है। यह ओवरब्रिज नहीं बनने आवागमन में दिक्कत होती है। साथ ही सीपरी बाजार का कारोबार भी प्रभावित है।
 
मऊरानीपुर ओवरब्रिज की गति धीमी
मऊरानीपुर ओवरब्रिज निर्माण की गति भी बेहद धीमी है। यहां सेतु निगम अपने हिस्से का काम कर चुका है। लेकिन, रेलवे का काम शुरू नहीं हुआ है। यहां तक कि रेलवे ने अभी मिट्टी की जांच तक नहीं की है। यह काम अगस्त 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन काम की गति देख लगता है कि यह संभव नहीं है। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक पीके वर्मा ने बताया कि रेलवे देर कर रहा है। इस वजह से यह ब्रिज भी तय समय पर नहीं बन सकेगा।
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जेडीए सीमा का विस्तार नहीं
नगर से सटे गांवों के विकास के लिए झांसी विकास प्राधिकरण की सीमा में 63 गांव शामिल किए गए हैं। तय हुआ था कि इन गांवों का विकास किया जाएगा। यहां हर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ।  यहां तक कि झांसी विकास प्राधिकरण अभी इन गांवों का सर्वे भी नहीं कर पाया है, जिससे सुनियोजित विकास की योजना बनाई जा सके।

मेडिकल कालेज में नियुक्तियां अटकीं
मेडिकल कालेज में कर्मचारियों की कमी से आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के मानक के अनुसार शिक्षकों, पैरा मेडिकल स्टाफ एवं नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की घोषणा की थीं। शिक्षकों की भर्ती की फाइल शासन में है। जबकि, अन्य सभी रिक्त पदों पर भी अब तक नियुक्तियां नहीं हो पाईं हैं। इस कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं।

500 बेड का अस्पताल भी पूरा नहीं
मेडिकल कालेज में ज्यादा से ज्यादा मरीजों को स्वास्थ्य मुहैया कराने को यहां 500 बेड के अस्पताल की सीएम ने घोषणा की थी। निर्माण पर 13.79 करोड़ खर्च होने हैं। इनमें से 11.12 करोड़ रुपये शासन आवंटित भी कर चुका है। काम अक्तूबर 2016 में पूरा होना था, लेकिन अब तक 79 फीसदी काम ही हुआ है। ऐसे में यह काम भी समय से पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
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ये काम हो गए पूरे
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- नारायण बाग का सुंदरीकरण
- ध्यानचंद स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ का निर्माण
- स्टेडियम के स्विमिंग पूल में फिल्ट्रेशन प्लांट
- स्टेडियम भवन का जीर्णोद्धार
- मऊरानीपुर का जल विहार महोत्सव प्रांतीय सूची में
- मंडी में किसान बाजार का निर्माण
- दिगारा - भगवंतपुरा बाईपास का निर्माण
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