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झांसी के मेधावियों का डंका

Mon, 13 Jun 2016 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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iit result, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। आईआईटी में प्रवेश के लिए हुए ज्वाइंट एंट्रेस एग्जाम में झांसी के मेधावियों ने भी अपना डंका बजाया है। उत्कर्ष त्रिपाठी ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 728 ऑल इंडिया रैंक हासिल की है। लक्ष्य कुमार की 1350 और सक्षम गुप्ता की 1394 रैंक आई है। देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान आईआईटी में दाखिला दिलाने वाली प्रवेश परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को देर रात तक बधाइयां मिलती रहीं।
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मेधावी भी परिणाम आते ही खुशी से उछल पड़े। हालांकि, वेबसाइट धीमी हो जाने से कई छात्र देर रात तक अपना परिणाम देखने की कोशिश करते रहे, मगर रिजल्ट नहीं देख सके। अमर उजाला ने टॉप थ्री मेधावियों से बातचीत कर उनकी सफलता का मंत्र पूछा।


दूसरों का नहीं, सिर्फ अपना रिजल्ट देखा
नाम: उत्कर्ष त्रिपाठी  
रैंक: 728
झांसी के उत्कर्ष त्रिपाठी के पिता डॉ. एके त्रिपाठी पेशे से चिकित्सक हैं। उत्कर्ष का कहना है कि उन्होंने कभी दूसरों का नहीं, बल्कि सिर्फ अपना ही रिजल्ट देखा। कोचिंग मेें दूसरों के उनसे अच्छे नंबर आते थे, मगर उन्होंने इस पर सोचने की बजाए अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि शुरू में वह वैज्ञानिक बनना चाहते थे, मगर फिर विचार बदलकर इंजीनियरिंग की ओर रुख कर लिया। आईआईटी की पढ़ाई के लिए उन्होंने 11वीं क्लास से ही लक्ष्य कोचिंग में पढ़ाई शुरू कर दी थी। बड़े भाई हर्षवर्धन त्रिपाठी भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं, तो जेईई की तैयारी में उनसे भी बहुत मदद मिली। चार से छह घंटे प्रतिदिन पढ़ाई करने वाले उत्कर्ष ने बताते हैं कि जितनी भी देर पढ़ो, पूरी एकाग्रता से पढ़ो। कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने की चाहत रखने वाले उत्कर्ष भविष्य में खुद की सॉफ्टवेयर कंपनी बनाने चाहते हैं।  
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लक्ष्य ने शुरू से ही ठान लिया था लक्ष्य
नाम: लक्ष्य कुमार
रैंक: 1350
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सुधीर कुमार के बेटे लक्ष्य कुमार भी बेहतर रैंक के साथ जेईई में चयनित हुए हैं। उन्होंने शुरूआत से ही आईआईटी से बीटेक करने की ठान ली थी। वह जानते थे कि लक्ष्य छोटा नहीं है, इसलिए उन्होंने कड़ी मेहनत से पढ़ाई की। रविवार को जब परिणाम आया तो वह खुशी से झूम उठे। 1350वीं रैंक हासिल करने वाले लक्ष्य इस बार की यूपीएसईईई की परीक्षा में भी 51वीं रैंक ला चुके हैं। वह बताते हैं कि इंपैक्ट कोचिंग से उन्होंने तैयार की। रोजाना वह छह से आठ घंटे पढ़ाई करते थे। परिवार का भी बहुत सपोर्ट रहा। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर में शुरू से ही उनकी रुचि रही है। इसलिए वह कंप्यूटर साइंस से ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई करेंगे। इसके बाद विदेश जाकर एमटेक करने की योजना है।


हमेशा क्वालिटी बढ़ाने पर रहा ध्यान
नाम: सक्षम गुप्ता
रैंक: 1394
बड़ाबाजार निवासी सक्षम गुप्ता ने भी आईआईटी के ज्वाइंट एंट्रेस एग्जाम में अपना जलवा बिखेरा है। सक्षम ने बताया कि उन्होंने हमेशा क्वालिटी बढ़ाने पर ध्यान दिया। लक्ष्य कोचिंग के अलावा वह घर में प्रतिदिन सिर्फ चार घंटे ही पढ़ाई करते थे। ज्यादातर छात्रों की सोच रहती है कि जितना पढ़ोगे, उतने अच्छे नंबर आएंगे, जब यह सवाल सक्षम से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा सोचना गलत है। उन्होंने जितनी भी देर पढ़ाई की, पूरी लगन के साथ की। बचपन से ही वह बड़े होकर इंजीनियर बनने की चाहत रखते थे। उन्होंने कहा कि परीक्षा के बाद उनको इतनी अच्छी रैंक आने की उम्मीद नहीं थी। वह तीन हजार के आसपास रैंक आने की सोच रहे थे, मगर जब उन्हें 1394 रैंक आने की जानकारी मिली तो वह खुशी से फूले नहीं समा पाए। अब वह कंप्यूटर साइंस या इलेक्ट्रिकल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं।
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