झांसी। मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की ओपीडी में अक्सर कंसलटेंट डॉक्टर नहीं मिलते। खास यह कि जब भी रोगी के डॉक्टर के बारे में कर्मियों से पूछते हैं, तो कर्मियों का एक ही जवाब मिलता कि चिकित्सक वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने गए हैं। थोड़ा इंतजार करो मगर यह इंतजार देर तक चलती है।
मंगलवार को यूरोलॉजी की ओपीडी में 12:54 बजे कंसलटेंट नहीं मिले। रोगी उनके आने का इंतजार कर रहे थे। जब गेट पर खड़े कर्मी से डॉक्टर के बारे में पूछा या तो बताया कि वह किसी रोगी को देखने वार्ड में गए हैं। 12:59 बजे नेफ्रोलॉजी (गुर्दा रोग) की ओपीडी में कंसलटेंट नहीं मिले। मरीज परेशान रहे। मजबूर होकर वह जूनियर डॉक्टरों से उपचार कराते रहे। परेशान महिला पूजा ने बताया कि वह बेटी को दिखाने के लिए आई थी। उसे किडनी में समस्या है। डेढ़ घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रही हूं। जब ओपीडी कर्मी से डॉक्टर के बारे में पूछा तो उसने भी बताया कि वार्ड में किसी रोगी को देखने के लिए गए गईं है। दोपहर 1:02 बजे न्यूरो सर्जरी विभाग की ओपीडी में भी कंसलटेंट नहीं मिले। रोगियों को जूनियर डॉक्टर देखते मिले। यहां पर तैनात कर्मी ने बताया कि डॉक्टर रोगी को देखने के लिए वार्ड में गए हैं। कब तक लौटेंगे, इसका कोई जवाब नहीं था।
ओपीडी में समय से चिकित्सक का न होना गंभीर विषय है। सुनिश्चित कराया जाएगा कि ओपीडी में कंसलटेंट को पूरे समय बैठकर रोगियों का उपचार करें। जिससे उन्हें परेशानी न हो। डॉ. सुधीर कुमार, प्राचार्य