प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि अफसर कार्य संस्कृति में सुधार लाएं और संवेदनशील होकर काम करें। बुंदेलखंड समस्याग्रस्त इलाका है, यहां के लिए पेयजल, विद्युतापूर्ति, सिंचाई, पशुओं के चारे, बीज और खाद की उपलब्धता के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। पंद्रह दिन बाद भीषण गर्मी शुरू हो जाएगी। इससे निपटने के लिए विभाग अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दें।
विकास भवन सभागार में आयोजित मंडलीय अधिकारियों की बैठक में कृषि मंत्री ने बिजली विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे विद्युतापूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिला व तहसील मुख्यालयों में आपूर्ति का समय बढ़ाया जाए। खराब ट्रांसफार्मर तत्काल बदले जाएं। बुंदेलखंड में बिजली समस्या अधिक है। इससे किसान भी परेशान हैं। इससे निपटने का कोई प्रस्ताव हो, तो तत्काल दें, समस्या का हल निकाला जाएगा।
उन्होंने जल निगम से क्षेत्र में लगाए गए 23,327 हैंडपंपों की पंद्रह दिन में सत्यापन रिपोर्ट मांगी। सबसे अधिक समस्याग्रस्त गांवों की जानकारी ली और निपटने की तैयारियां जानीं। जल निगम को बंद पाइप वाटर सप्लाई को शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि तालाब-पोखर भरने की अभी से व्यवस्था कर लें। आवश्यकतानुसार नहरों का संचालन किया जाए। पेयजल की आपूर्ति के बाद बांधों में कितना पानी रहेगा, इसकी भी मंत्री ने जानकारी ली।
बैठक में गरौठा क्षेत्र के विधायक जवाहर लाल राजपूत, कमिश्नर के राममोहन राव, डीएम अजय कुमार शुक्ला, सीडीओ नवनीत सिंह चहल समेत विभिन्न विभागों के मंडलीय अधिकारी मौजूद रहे।
फसल बीमा न मिलने पर आक्रोश
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा में सामने आया कि बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोंबार्ड द्वारा किसानों को बीमा राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कंपनी ने किसानों से 53 करोड़ रुपये प्रीमियम लिया है, जबकि भुगतान सिर्फ छह करोड़ किया गया है। इस पर कृषि मंत्री ने फोन पर प्रमुख सचिव कृषि से बात की। साथ ही कहा कि 30 मार्च तक भुगतान न करने की स्थिति में कंपनी को ब्लैक लिस्ट करते हुए उसके प्रतिनिधि को जेल भेजा जाए।