अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने तहसीलवार दस बड़े बकायेदारों से वसूली अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। कम वसूली होने पर वाणिज्य कर विभाग, परिवहन विभाग एवं स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के अफसरों को फटकार लगाते हुए वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।
वसूली न होने पर कार्रवाई के लिए चेताया। वाणिज्य कर विभाग की कम वसूली पर से नाराज डीएम ने जनपद के उद्योगों की जानकारी ली। कैंप आयोजित कर जीएसटी पंजीकरण कराने को कहा। राज्य कर विभाग मई माह में 133.83 करोड़ के सापेक्ष मात्र 79.27 करोड़ ही वसूल सका। जिलाधिकारी ने मालकर, वाहन कर, यात्री कर की कम वसूली पर भी नाराजगी जताई। विभाग सिर्फ लक्ष्य 17.16 करोड़ के मुकाबले 12.80 करोड़ वसूल सका। धातुकर्म विभाग को बिना एमएम- ग्यारह बालू परिवहन करने वाले वाहनों पर एफआईआर कराने को कहा। कहा, जांच के दौरान माइंन टैक लगा न पाए जाने पर वाहन को सीज किया जाए। माह में 30.63 करोड़ के सापेक्ष 24.68 करोड़ वसूली पर नाराजगी जताई। उपजाधिकारियों को धारा-67 के वादों सहित अन्य वादों का निस्तारण अभियान चलाकर करने को कहा। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण का फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए। तहसीलवार 10 बड़े बकायादारों के से वसूली के लिए अभियान के निर्देश दिए। इसके लिए नायब तहसीलदार को बड़े बकायादारों से वसूली करने को कहा। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल ,अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी न्याय अरुण कुमार गौड़, योगेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा सहित अन्य मौजूद रहे।