झांसी। महानगर में दीपावली को लेकर सजे बाजार में झांसी के दीये और मोमबत्ती खूब धूम मचा रही है। दुकान-दुकान पर बिक रहे झांसी में बने उत्पाद पीएम के लोकल के वोकल के मंत्र का संदेश दे रहे है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से कुंभकारों और कारीगरों के चेहरे खिले हुए हैं। हालांकि बाजार पर कोरोना का असर भी दिख रहा है। लेकिन चाइनीज उत्पादों का थमता प्रयोग झांसी के व्यापारियों की किस्मत का ताला खोल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों लोगों से दीपावली के त्योहार पर स्थानीय उत्पादों को तरजीह देने की अपील की थी। इसके बाद से झांसी के छोटे व्यापारियों की किस्मत चमकने लगी है। आलम यह है कि बाजार लोकल उत्पादों से अटा पड़ा है। झांसी में दीपावली के त्योहार को दीयों की मांग बढ़ी है। कुंभकार बताते हैं कि पहले दुकानदार डिजाइनर दीये बाहर से लाते थे, लेकिन इस बार झांसी में ही डिजाइनर दीये तैयार हो रहे हैं। इनकी मांग भी आ रही है। व्यापारियों को सहूलियत मिल रही है कि उनको बाहरी जिलों की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही और पूरा लाभ भी मिल रहा है। वहीं शहर में मोमबत्तियां भी खूब बन रही हैं। नरसिंहराव टौरिया निवासी अब्दुल अजीज इन दिनों मोेमबत्ती बनाने में जुटे हैं। त्योहार को लेकर उन्होंने अब तक करीब 300 से अधिक पैकेट के आर्डर दे दिए हैं। व्यापारी भी लोकल उत्पादों को हाथों-हाथ ले रहे हैं। बाजार में लोग भी स्थानीय उत्पादों की मांग कर रहे हैं।
खिलौने और बताशे की भी मांग बढ़ी
दीपोत्सव पर शक्कर के खिलौने और बताशे भी खूब प्रचलन में हैं। इसे लेकर व्यापारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुभाषगंज स्थित दुकानों पर बड़ी-बड़ी भट्ठियों में बताशे और खिलौने तैयार हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर ही व्यापारी खील भी तैयार करा रहे हैं।
इनका कहना है
इस बार दीपावली पर दीयों की खासी मांग है। कई ऑर्डर मिल गए हैं। डिजाइनर दीये भी तैयार कराए जा रहे हैं। इसके अलावा गुलरिया और ग्वालिन भी तैयार कर रहे हैं।- विजय राम प्रजापति, कुंभकार
बाजार में इस बार बहार नजर आ रही है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से मिट्टी के दीपकों की मांग बढ़ी है। चाइनीज उत्पादों का प्रतिबंध भी काफी राहत लेकर आया है।- भगवानदास, कुंभकार