जिला पंचायत ने खनिज पदार्थों के खनन पर टैक्स वसूलने की तैयारी शुरू कर दी है। इस नई उप विधि को पंचायत बोर्ड के समक्ष ले जाने की तैयारी है। यहां हरी झंडी मिलने पर इस व्यवस्था को जिले में लागू कर दिया जाएगा।
शासन के निर्देश पर तैयार की गई उप विधि के अनुसार खनिज के खनन पर टैक्स वसूला जाएगा। वाहन की क्षमता के अनुसार टैक्स की वसूली होगी। दस टायर के ट्रक से दो सौ रुपये, छह टायर ट्रक से सौ रुपये तथा ट्रैक्टर से पचास रुपये लिए जाएंगे। इस धनराशि में से बीस प्रतिशत सार्वजनिक निर्माण विभाग, पांच प्रतिशत पर्यावरण तथा पच्चीस प्रतिशत धनराशि संबंधित ब्लाक को विकास कार्यों के लिए दी जाएगी। जबकि, शेष पचास प्रतिशत रकम जिला पंचायत के खाते में आएगी। यह उप विधि 16 जुलाई को होने वाली जिला पंचायत की बैठक में प्रस्तुत की जाएगी। पंचायत बोर्ड की हरी झंडी मिलने पर इसे मंडलायुक्त के पास भेजा जाएगा। तदुपरांत, इसका गजट प्रकाशित होगा।
मालूम हो कि जिला पंचायत द्वारा पूर्व में खनन पर तहबाजारी वसूली जाती थी, परंतु वर्तमान में यह बंद है। अब शासन के निर्देश पर उक्त उप विधि तैयार की गई है। शासन ने इसकी दरें सभी जिलों के लिए समान रखी हैं।