राष्ट्रीय फसल बीमा कार्यक्रम के तहत जिले के सभी बीमित किसानों का डाटा ऑनलाइन होगा, जिससे किसान प्रीमियम कटने व खाते में बीमा राशि पहुंचने की जानकारी कहीं से भी और कभी भी प्राप्त कर सकेंगे। उन्हें बैंकों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सोमवार को कृषि बीमा कार्यशाला में यह जानकारी दी गई।
उप संभागीय कृषि सभागार में आयोजित कार्यशाला में बीमा कंपनी यूनिवर्सल सोंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के प्रबंधक मनोज कुमार अग्रवाल ने बैंकों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान उन्होंने कृषि बीमा संबंधी भ्रांतियों और क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को दूर किया। उन्होंने बताया कि बीमित होने पश्चात यदि किसान फसल परिवर्तन करता है, तो उसे बुआई के एक सप्ताह के भीतर शपथ पत्र के माध्यम से बैंक को सूचित करना होगा, अन्यथा किसान को बीमा लाभ प्राप्त करने में परेशानी होगी।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए उप कृषि निदेशक डॉ. यूपी सिंह ने कहा कि बीमा कंपनी बैंक को चार प्रतिशत सेवा शुल्क प्रदान करती है। अत: बैंक भी अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन करें, ताकि किसानों को परेशानी न हो। किसान जो फसल बो रहे हैं, यदि वह उस क्षेत्र के लिए अधिसूचित नहीं है, तो बैंक प्रीमियम न काटें। इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी डा. बीआर मौर्य, सहायक निदेशक मृदा परीक्षण वीके सचान, बीएसए उपेंद्र नाथ खरवार, एसडीओ मोंठ बबलू कुमार, किसान प्रतिनिधि गौरीशंकर बिदुआ, एसबीआई समन्वयक राजेश कुमार खरे, रामपाल सिंह निरंजन, शिवकुमार, इंद्रजीत, वरुण, पंकज आदि मौजूद रहे।
शिविर में मिलेगी किसानों को जानकारी
झांसी। यूनिवर्सल सोंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक मनोज कुमार अग्रवाल ने कार्यशाला में बताया कि किसानों को बीमा संबंधी जानकारी देने के लिए जगह-जगह शिविर आयोजित कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। ब्लाक बबीना व चिरगांव में 15 जुलाई, बड़ागांव व मोंठ में 16 जुलाई, बंगरा व गुरसरांय में 20 जुलाई तथा ब्लाक मऊरानीपुर व बामौर में 21 जुलाई को किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा।