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पांच हजार में निपटाया एक करोड़ का नुकसान

Tue, 15 Dec 2015 01:31 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। अफसरों से साठगांठ कर निजी कंपनी ने फोर जी की केबल डालने का काम फिर से शुरू कर दिया है। पिछले दिनों कंपनी के नुमाइंदों ने मिशन कंपाउंड क्षेत्र की करीब ढाई किलोमीटर लंबी सड़क केबल डालने के लिए खोद दी थी, शिकायत पर निगम अफसरों ने मशीन जब्त कर ली तो दो  अफसरों ने मामूली जुर्माना लगाकर मशीन को मुक्त कर दिया।
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रिलाइंस कंपनी के लोगों द्वारा फोर जी केबल डालने के लिए मिशन कंपाउंड में बिना परमीशन के करीब ढाई किलोमीटर की सड़क ड्रिल मशीन से खोद दी गई थी। क्षेत्रीय पार्षद दिनेश सिंह यादव ने इसकी शिकायत नगर आयुक्त से की थी। नगर आयुक्त के निर्देश पर बृहस्पतिवार को चीफ इंजीनियर आरके वर्मा मौके पर पहुंचे और खुदाई रुकवा कर ड्रिल मशीन को जब्त कर लिया था।

उन्होंने मशीन नगर निगम कंपाउंड में रखवा कर उसे गार्ड के हवाले कर दिया था। साथ ही यह निर्देश दिए थे कि बिना उनकी अनुमति के मशीन को अवमुक्त न किया जाए। रविवार को नगर निगम के एक प्रशासनिक अधिकारी व एक अभियंता रिलाइंस कंपनी के लोगों के साथ पहुंचे और ड्रिल मशीन मुक्त कराने लगे। गार्ड ने जब उन्हें चीफ इंजीनियर के आदेश से अवगत कराया तो उसे हड़का दिया।
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बाद में मामला बचाने के लिए पांच हजार रुपये के जुर्माने की रसीद काट दी गई। तकनीकी जानकारों की मानें तो ढाई किलोमीटर लंबी डामर रोड बनाने में एक करोड़ रुपये का खर्चा आता है, जिसे रिलांइस कंपनी के लोगों ने खोद कर खराब कर दिया। मुख्य अभियंता ने मामूली जुर्माना लगाकर मशीन छोड़ने की शिकायत नगर आयुक्त से कर अफसरों के क्रियाकलापों पर प्रश्न चिह्न लगाया है।

यह है मामला
रिलाइंस कंपनी की फोर जी केबल डालने के लिए कंपनी ने नगर निगम से पूर्व में परमीशन ली थी। चार करोड़ पच्चीस लाख रुपये की बैंक गारंटी लेकर नगर निगम ने केबल डालने की परमीशन दे दी थी। निगम ने यह शर्त रखी थी कि दस मीटर की खुदाई के बाद उसमें तार डालकर जब उस स्थान की मरम्मत कर स्थिति पूर्ववत हो जाए तभी अगले दस मीटर की खुदाई की जाए।

लेकिन, कंपनी ने शर्तों का उल्लंघन करते हुए पूरे शहर की सड़कें खोद दी थीं। यह मामला सदन की बैठक में उठा और पार्षदों ने रिलाइंस कंपनी की सिक्योरिटी जब्त करने का प्रस्ताव पास किया था। नगर निगम ने कंपनी का काम तो रुकवा दिया था, लेकिन सिक्योरिटी अभी तक जमा नहीं हुई। कंपनी का बीस प्रतिशत कार्य अभी भी शेष है।
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ड्रिल मशीन को न छोड़ने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन फिर भी उसे मुक्त कर दिया गया। मामला गंभीर है कारणों की जांच कर दोषियों को दंडित किया जाएगा।
अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त
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