- कई ने तो दुकानें भी कर दी हैं बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
ओरछा। धार्मिक नगरी ओरछा में पर्यटन विकास के लिए रामराजा लोक का निर्माण किया जा रहा है, जिसके चलते मंदिर परिसर से 52 दुकानदारों को पक्की दुकानों से हटाकर टीन की अस्थायी दुकानों में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे उनके कारोबार में खासी गिरावट आ गई है। कई दुकानदारों ने तो अपनी दुकानें तक बंद कर दी हैं।
मंदिर परिसर में मिठाई, खिलौने व अन्य सामग्री की 52 दुकानें सालों से संचालित हो रहीं थीं। चूंकि, अब मंदिर परिसर को विस्तार देकर यहां रामराजा लोक का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य जारी है, जिसके चलते 52 दुकानदारों को पक्की दुकानों से हटाकर अस्थायी दुकानों में शिफ्ट कर दिया गया है। लेकिन, प्रशासन का इस फैसले से कारोबार बुरी तरह से चरमरा गया है। मिठाई विक्रेता कुलदीप सेन और अभय ने बताया कि पहले उनकी दैनिक बिक्री पांच से दस हजार रुपये होती थी, लेकिन अस्थायी दुकानों में स्थानांतरित होने के बाद से यह 500-700 रुपये रोजाना पर पहुंच गई है। वहीं, पिछले 20 सालों से रामराजा मंदिर के बाहर मिठाई की दुकान संचालित कर रहे दुकानदार राजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि विस्थापित 52 दुकानों में से 15 ने अभी तक अपनी दुकानें खोली भी नहीं हैं। प्लाईवुड के शेड में मिठाइयां दो घंटे भी नहीं टिक पा रहीं हैं। वे खराब हो जा रहीं हैं।
इस संबंध में ओरछा तहसीलदार और मंदिर व्यवस्थापक सुनील डाबर ने बताया कि रामराजा लोक का निर्माण पूरा होने के बाद रोजगार के नई अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय दुकानदारों की बिक्री में वृद्धि होगी और युवाओं को रोजगार मिलेगा। हालांकि, अभी निर्माण कार्य के चलते दुकानदारों को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।