झांसी। संविदा समाप्त होने पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के शिक्षक - शिक्षिकाओं ने कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि बिना कोई पूर्व सूचना के उनकी संविदा समाप्त कर दी गई है, इस पर रोक लगायी जाए।
जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में संविदा पर कार्यरत 22 शिक्षक - शिक्षिकाओं की सेवाएं विभाग ने समाप्त कर दी हैं। इससे नाराज ये शिक्षक - शिक्षिकाएं सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि वे सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पार्टटाइम एवं फुल टाइम टीचर के रूप में संविदा पर नियुक्त हुई थीं। हर साल अनुमोदन होता था। लेकिन 6 सितंबर को एक आदेश करके बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी की संविदा खत्म कर दी और इस संबंध में पूर्व में कोई सूचना भी नहीं दी गई। उन्होंने मांग की कि संविदा खत्म करने के आदेश पर रोक लगायी जाए।
इस अवसर पर अर्चना त्रिपाठी, दीपिका लोहिया, सुनीता श्रीवास्तव, रंजना मिश्रा, हीरा साहनी, रचना बहल, कविता, दीपा पांडेय, ज्योति, शालिनी, प्रभा वर्मा आदि मौजूद रहीं। इधर बीएसए हरिवंश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर असंगत विषय - पद वाले शिक्षकों का संविदा विस्तार नहीं किया गया है। जो निर्देश प्राप्त हुए उसी प्रकार से कार्रवाई की गई है।
हम सभी 22 लोगों के संविदा का नवीनीकरण भी नहीं हुआ, जबकि विभाग के अधिकारियों ने नवीनीकरण का आश्वासन दिया था।
अर्चना शिक्षिका
हम सभी लोगों को पूरी उम्मीद थी, कि उनकी नौकरी स्थाई हो जाएगी, लेकिन अब तो संविदा ही समाप्त कर दी गई है।
रचना शिक्षिका
वर्ष 2007 में बीए - बीएड मांगा था वार्डन पद के लिए, मगर अब गृह विज्ञान को असंगत विषय बताकर हटाया जा रहा है।
दीपिका सेन शिक्षिका
समायोजन की बात हो रही थी, लेकिन संविदा ही समाप्त कर दी गई है। हम लोगों को कोई नोटिस भी नहीं दिया गया है।
ऋचा सक्सेना शिक्षिका
बीएसए दफ्तर हुआ सैनिटाइज, लोगों की आवाजाही रही बंद
जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय को आज पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया। लोगों की आवाजाही पर रोक रही। इसके साथ ही विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों का कोरोना टेस्ट किया गया। हालांकि एक जिला समन्वयक कोरोना पॉजिटिव पाये गए। वहीं, सैनिटाइज के कारण विभाग का लगभग सभी कार्य नगर क्षेत्र में संबद्ध कर कराया गया। आफिस को बंद रखा गया।