ऑनलाइन सट्टा गिरोह चलाने के आरोपी और पुलिस विभाग से बर्खास्त किए जा चुके सिपाही रजत सिंह ने पुलिस को चकमा देकर आखिरकार कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस उसे पिछले 18 दिन से तलाश रही थी लेकिन, पुलिस उसका पता नहीं लगा सकी। रजत के साथ ही कुलदीप दिवाकर, अंकित यादव एवं नीलेश यादव भी पुलिस को छकाते हुए कोर्ट के सामने आत्म समर्पण करने में कामयाब रहे। कोर्ट ने रजत समेत अन्य आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
9 मई को सीपरी बाजार पुलिस ने रॉयल सिटी में छापा मारकर वहां से कोतवाली निवासी यशस्वी द्विवेदी को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में रजत का नाम सामने आया। यशस्वी ने पुलिस को बताया कि रजत एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित करता है। यह मामला सामने के आने के बाद रजत को पुलिस सेवा से बर्खास्त करते हुए उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। स्वॉट टीम को भी तलाश में लगाया गया था लेकिन, रजत सबको छकाता रहा। काफी हाथ-पांव मारने के बाद भी पुलिस उसे तलाश नहीं सकी।
कोर्ट पहुंचने की पुलिस को नहीं लगी भनक
मंगलवार को सुबह करीब दस बजे रजत अचानक से कोर्ट पहुंच गया। उसकी कोर्ट में हाजिर होने की पहले से तैयारी थी। पुलिस को भनक लगने से पहले ही अधिवक्ताओं के माध्यम से वह कोर्ट रूम पहुंच गया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उसके फ्लैट से पुलिस को 939 ग्राम सोने के गहने, नौ सोने के बिस्कुट, जिनकी कीमत लगभग 1.46 करोड़ रुपये बताई गई, बरामद हुए थे। इसके अलावा लैपटॉप, मोबाइल फोन से सट्टेबाजी से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए थे।