पांच करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किसान बाजार बदहाल है। यहां सफाई के कोई इंतजाम नहीं हैं, जिससे जगह-जगह गंदगी के ढेर जमा हैं। इससे यहां का व्यापार भी प्रभावित है। बावजूद, मंडी परिषद इस ओर से बेपरवाह है।
पांच करोड़ रुपये से अधिक की लागत से चार साल पहले किसान बाजार का निर्माण हुआ था। इसमें अलग-अलग श्रेणी की गई दुकानें कारोबारियों को आवंटित की गईं हैं। लेकिन, व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो जाने के कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। बाजार में हर जगह धूल होने से दुकानदारों के साथ ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी की वजह से ग्राहक भी यहां आने से कतराने लगे हैं। बाजार के मुख्य गेट पर बड़ा गड्डा होने से लोगों को लांघ कर जाना पड़ता है। बाजार में बिजली की व्यवस्था की स्थिति भी बेहद खराब है। आए दिन यहां बिजली गुल बनी रहती है।
नहीं दिया जा रहा ध्यान
मार्केट की सफाई व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चौपट होने की वजह से ग्राहक भी कम ही आते हैं। जिससे दुकानदारों को अर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। बावजूद, ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- प्रमोद कुमार, कपड़ा व्यापारी
मंदा हुआ कारोबार
मार्केट में दुकान लेते समय सोचा था कि यहां कारोबार अच्छा चलेगा, लेकिन साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण लोग खरीदारी करने कम ही आते हैं। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
- अतुल श्रीवास्तव, गेम्स संचालक
शिकायत का असर नहीं
बाजार में हमेशा से ही सफाई के साथ-साथ बिजली की स्थिति पूरी तरह से बदहाल है, आये दिन बिजली जाती रहती है। जिसके चलते काफी दिक्कत होती है। शिकायत करने पर कोई असर नही होता है।
- विक्की, जूता व्यापारी
शौचालय तक बदहाल
काफी समय से सफाई नही होने से मार्केट में शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है। लोगों को बाहर ही जाना पड़ता है। इससे व्यापारी और ग्राहक सभी परेशान होते हैं।
- शादाब, कपड़ा व्यापारी
सफाई का ठेका ही नहीं
मंडी परिषद की ओर से किसान बाजार की सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां सफाई का हर साल ठेका होता है, लेकिन इस साल ये हुआ ही नहीं। मंडी सचिव राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि ठेका नहीं होने से दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली के लिए हर दुकानदार को अलग से कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
- राजेश कुमार वर्मा, सचिव मंडी