चिरगांव। समाजवादी विजय यात्रा लेकर चिरगांव पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से भाजपा का बुंदेलखंड से सफाया करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने आय दोगुनी करने के बजाय किसानों को खाद के लिए लाइन में लगवा दिया। नौजवानों को रोजगार नहीं दिया। अब बुंदेलखंड की जनता को ऐसी सरकार को बदलना होगा ।
कस्बे के राष्ट्रकवि डा. मैथिलीशरण गुप्त महाविद्यालय में साढ़े चार घंटे विलंब से पहुंचे अखिलेश यादव को सुनने के लिए भारी भीड़ मौजूद थी। उन्होंने रथ पर सवार होकर ही जनता को संबोधित किया। उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या किसानों की आय दोगुनी हुई है, फसल का सही मूल्य मिला है, जनता की ओर से जवाब आया नहीं। तीन कृषि कानूनों का भाजपा ने कितना प्रचार किया उसे किसान हितैषी बताया, लेकिन जब किसान नहीं झुका तो उसे वापस लेना पड़ा। जबकि, सच्चाई ये है कि तीनों कानूनों के लागू हो जाने से किसानों की जमीन चली जाती। इतना ही नहीं, जब किसान अपना हक मांगने निकले तो उन्हें गाड़ी से कुचल दिया गया। लॉकडाउन के दौरान मजदूरों को एक-एक हजार किमी पैदल चलकर अपने घर आना पडा, ऐसी संवेदनहीन सरकार कभी नहीं देखी थी।
परिवारवाद पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जिनका परिवार नहीं होता है, वे जनता के दुखदर्द को क्या जानेंगे। उन्होंने कहा कि सपा सरकार की एंबुुलेंस को खटारा कर दिया गया है। योगी सरकार अब टैबलेट, लैपटाप, मोबाइल फोन देने की बात कह रही है। जब मुख्यमंत्री खुद लैपटॉप चलाना नहीं जानते हैं तो क्यों देंगे। सरकार विज्ञापनों में तेलंगाना का बांध, अमेरिका की फैक्टरी दिखा रही है। इस दौरान उन्होंने झांसी में पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर का भी जिक्र किया। अंत में उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जिक्र करते हुए कहा कि दद्दा ने हिंदी भाषा के लिए बहुत कुछ किया है। हमें उसका संरक्षण व संवर्धन करना है।
इस दौरान नया सवेरा ट्रस्ट के अध्यक्ष यशपाल सिंह यादव ने अखिलेश को गदा भेंट की और हार पहनाया। अखिलेश के साथ रथ पर पूर्व सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह, पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह व यशपाल सिंह यादव साथ खड़े थे।
जबकि, मंच पर एमएलसी संजय लाठर, उदयबीर सिंह, रामनरेश यादव, सुदेश गौर, संजले राजा, नरेश बब्बा, पर्वत सिंह कुशवाहा, विजय झांसिया, चंद्र प्रकाश मिश्रा, अरविंद नागिल, मनीष मकराड़िया, महेंद्र शर्मा, मानवेंद्र सिंह, सुरेंद्र दांगी, अनिल सविता आदि मौजूद रहे। संचालन भानु प्रताप पटेल बंगरी बंगरा ने किया।