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Jhansi News: धौलपुर-ग्वालियर रेलखंड हुआ स्टैंडर्ड कवच से लैस, हुआ सफल ट्रॉयल

Sat, 01 Aug 2026 02:42 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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झांसी। मंडल रेलवे में धौलपुर-ग्वालियर रेलखंड स्टैंडर्ड ''कवच'' एसआईएल-4.0 वर्जन से लैस हो गया है। शुक्रवार को उक्त रेलखंड में इंजन का सफल ट्रायल कराया गया। करीब 66 किलोमीटर लंबे रेलवे रूट के कवच से लैस होने के बाद आगामी मार्च 2027 तक 321 किलोमीटर लंबे धौलपुर-बीना रेलखंड में कवच का काम पूरा हो जाएगा। कवच प्रणाली से न केवल ट्रेनों का रफ्तार के साथ सुरक्षित संचालन संभव होगा, बल्कि ट्रेनों के आपस में टकराने से होने वाली दुर्घटनाएं भी खत्म होंगी।
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डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि रेल दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए धौलपुर-बीना रेलखंड में स्टैंडर्ड कवच लगाने का काम तेजी से चल रहा है। करीब 66 किलोमीटर लंबे धौलपुर-ग्वालियर रेलखंड पर कवच का काम पूरा होने के बाद शुक्रवार को लोको का सफल ट्रायल कराया गया। ट्रायल सफल होने के बाद करीब 321 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक को कवच से लैस करने का काम तेजी से शुरू कराया गया है। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा यह काम मार्च 2027 तक पूरा करा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ट्रैक को कवच से लैस करने के साथ मंडल रेलवे के 300 इंजनों को भी कवच से लैस करने का काम चल रहा है। करीब डेढ़ सौ लोको में कवच लग चुका है और चरणबद्ध ढंग से शेष लोको भी इससे सुसज्जित किए जाएंगे।

क्या है स्टैंडर्ड कवच 4.0
स्टैंडर्ड कवच आधुनिक तकनीक से लैस एक ऐसा स्वचालित सुरक्षा तंत्र है, जो कई सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें ट्रैक पर दौड़ते समय निर्धारित गति से दो से पांच किलोमीटर प्रतिघंटा अधिक स्पीड होने पर ओवर-स्पीड का अलार्म के जरिए संकेत मिलेगा। पांच किलोमीटर की अतिरिक्त स्पीड पर ऑटोमैटिक ब्रेक लग जाएंगे। इतना ही नहीं, किसी कारण से ऑटोमैटिक ब्रेक न लगने पर नौ किलोमीटर प्रतिघंटा की अतिरिक्त स्पीड पर इमरजेंसी ब्रेक लग जाएंगे। इंटरलॉकिंग के कारण सिग्नल रेडियो वेव और इंटरनेट के जरिए सीधे इंजन तक पहुंचेंगे।
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हर 10 किलोमीटर पर लगेंगे एलटीई टॉवर
कवच प्रणाली के तहत रेलवे ट्रैक के किनारे हर 10 किलोमीटर के अंतराल पर एलटीई (लॉग टर्म इवोल्यूशन) टॉवर लगाए जा रहे हैं, जिससे ट्रेन की हर गतिविधि पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी। इसके अलावा इस ट्रैक से गुजरने वाली ट्रेन के इंजन पर एक एंटीना/टॉवर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिवाइस भी लगाई जाएगी।
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