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डरे और बिके गवाहों की न कराएं गवाही

Sun, 27 Sep 2015 02:13 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
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झांसी। पुलिस महानिदेशक अभियोजन डा. सूर्य कुमार ने कहा कि  प्रदेश को अपराधियों से मुक्त करने के लिए शातिर बदमाशों को जेल भेजा जा रहा है। शातिर मुल्जिमों को सजा कराने और उनकी जमानत खारिज कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत पिछले दो माह में छह हजार से अधिक लोगों को सजा कराई गई है। झांसी जिले का काम न अच्छा रहा और न खराब। वह सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
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उन्होंने बताया कि दो माह में प्रदेश में चार लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई।  ललितपुर में एक, शामिली में दो व फीरोजाबाद में एक आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई। वहीं एक हजार से अधिक अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सर्वाधिक सजाएं हत्या के मामले में हुई हैं, दूसरे नंबर पर दहेज हत्या, तीसरे नंबर पर दुष्कर्म के मामले हैं। सबसे कम सजा प्रापर्टी क्राइम जैसे लूट, छिनैती, चोरी आदि के मामलों में हुई हैं।



उन्होंने एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे से कहा कि शातिर व कुख्यात अपराधियों को चिह्नित करें तथा उनके खिलाफ गवाही कराएं। इस बात का ध्यान रखें कि जो गवाह बिक गया हो या आरोपी से डर गया हो उसकी गवाही न कराएं। उन्होंने सरकारी अधिवक्ताओं से भी आरोपियों को सजा दिलाने का प्रयास करने को कहा।  सरकारी वकीलों से अपील की कि जिन के खिलाफ वह मुकदमा लड़ रहे हैं, उनसे मेलजोल न बढ़ाएं। डीजी अभियोजन ने गैंगेस्टर कोर्ट के सरकारी अधिवक्ता से आरोपी को सजा दिलाने के लिए सक्रिय होने को कहा। उनका कहना था कि पुलिस उन्हीं लोगों पर गैंगेस्टर लगाती है, जिनसे समाज को खतरा होता है।
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अन्य जिलों में भेजें ई-वारंट और ई-समन
डीजी अभियोजन डा. सूर्य कुमार ने एसएसपी से कहा कि अन्य जिलों में समन तामील कराने और वारंट भेजने के लिए अपने सिपाही न भेजें, ऐसा करने से समय व पैसे दोनों की बर्बादी होती है। समन व वारंट ईमेल द्वारा संबंधित जिले के पुलिस कप्तान को भेज दें और फोन कर इसकी सूचना भी दे दें। उस जिले के पुलिस कप्तान वारंट और समन की तामीली करा देंगे।


19 मुकदमों में 32 अभियुक्तों को सजा
झांसी। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अभियोजन डा सूर्य कुमार के निर्देश पर जुलाई माह से चलाए जा रहे सजा कराओ अभियान के तहत अदालतों में पैरवी कर जनपद में 13 से 19 सितंबर के मध्य 32 अभियुक्तों को सजा कराई गई। इनमें 12 मुकदमों में 17 अभियुक्तों को 10 वर्ष से कम की तथा सात मुकदमों में 15 अभियुक्तों को दस वर्ष या उससे अधिक की सजा मिली। 213 सक्रिय अपराधियों की जमानतें निरस्त कराई गई।
पुलिस विभाग के अनुसार न्यायालय द्वारा थाना मऊरानीपुर क्षेत्र में हत्या व हत्या के प्रयास में अफरोज, शमीम, शाकिर, आसिफ व साबिर को आजीवन कारावास की सजा दी गई । थाना एरच क्षेत्र में हत्या के मामले में छत्रपाल को आजीवन कारावास, चिरगांव क्षेत्र में हत्या के मामले में श्याम सुंदर उर्फ समुंदर को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया। थाना रक्सा क्षेत्र में हत्या के मामले में मंगल सिंह, मनोहर सिंह, जितेंद्र सिंह, रंजीत सिंह व साहब सिंह को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया। कोतवाली क्षेत्र में हत्या व हत्या के प्रयास में राजकुमार व राकेश को आजीवन कारावास की सजा, चिरगांव में दहेज हत्या के मामले में 10 वर्ष की कारावास की सजा पंकज, रामकिशोर, मंडवी को सुनाई गई।
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