अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। खातीबाबा निवासी प्रमोद समेत अन्य श्रद्धालुओं के चेहरे पर महाकुंभ में भगदड़ की दहशत दिख रही थी। झांसी से गए श्रद्धालुओं ने बताया कि भगदड़ के बाद स्नान के लिए उन लोगों को रुकने का आग्रह किया गया। हालात सामान्य होने पर दोपहर बाद ही स्नान करने के लिए घाटों तक पहुंचाया गया। उनके मन में हादसे के शिकार लोगों के प्रति शोक था। उन्होंने नम आंखों से स्नान कर भगवान से सुरक्षित घर लौटने की दुआ की। वहीं, घटनास्थल पर सामान बिखरा पड़ा था। लोग एक-दूसरे से अपने परिजनों के बारे में जानकारी कर रहे थे। पुलिस भी व्यवस्था बनाने में लगी थी।
महाकुंभ में भगदड़ की सूचना मिलने पर झांसी से गए श्रद्धालुओं के परिवारवाले चिंतित होने लगे। उन्होंने फोनकर अपनों का हाल-चाल जाना। जब अपनों के कुशल होने की जानकारी मिली, तब वे चैन की सांस लीं। झांसी से गए गौड़ बाबा भक्त मंडल के दो जत्थों में शामिल लोगों ने बताया कि महाकुंभ में भगदड़ के बाद उनको स्टेशन से कुंभ तक पैदल ही जाना पड़ा था। वहीं, हादसे के बाद जत्थों को बारी-बारी करके ही घाटों तक पहुंचाया जा रहा था। लौटने की कोई व्यवस्था नहीं थी। गाड़ियों को 15-20 किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया था। वहीं, कई वृद्धों और महिलाओं ने तो स्नान किए बिना ही लौटना उचित समझा।
बातचीत
मंगलवार को वाहनों को 15 किमी दूर रोक दिया गया था। इससे खासी परेशानी हुई। महिलाओं और बुजुर्गाें को पैदल चलना पड़ा। - मोनू चौरसिया
भगदड़ से ठीक एक घंटे पहले स्नान करके गाड़ी तक वापस पैदल आ रहे थे। गाड़ी तक पहुंच नहीं पाए और भगदड़ के बाद लोग दौड़ते नजर आए। - अवध किशोर गुप्ता
स्टेशन पर ही लोगों को रोक दिया गया था। ऐसे में पैदल ही घाट तक जाना पड़ा। प्रशासन की व्यवस्था नाकाफी थी। - आचार्य विनोद चतुर्वेदी
दोपहर के बाद घाटों पर सामान्य स्थिति हुई, तब जाकर अपने साथियों के साथ स्नान किया। इसके बाद तुरंत ही घर को निकल पड़े। - प्रभात कुलश्रेष्ठ
भगदड़ के बाद स्नान के लिए रोका गया था। एक जत्था स्नान करके लौटता था, तब दूसरे को भेजा जाता था। - दर्शनगिरी गोस्वामी
बैरिकेडिंग लगाई गई थी। रात को अमृत स्नान की सूचना के बाद भगदड़ हुई है। दोपहर तक स्थिति सामान्य हो पाई। - सुदामा गुप्ता