अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। लोकसभा चुनाव में झांसी-ललितपुर संसदीय सीट से किस्मत आजमाने वाले आठ प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाए। यहां तक कि बसपा प्रत्याशी तक की जमानत जब्त हो गई। केवल कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप जैन ही अपनी जमानत बचाने में कामयाब रहे।
लोकसभा चुनाव में झांसी-ललितपुर संसदीय सीट से 10 प्रत्याशी मैदान में थे। 6,90,316 वोट हासिल कर भाजपा के अनुराग शर्मा ने जीत हासिल की। जबकि, कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप जैन आदित्य को 5,87,702 वोट हासिल हुए। वहीं, बसपा प्रत्याशी पूरे चुनाव के दौरान कभी कांटे के मुकाबले में नहीं आ पाए। उन्हें महज 63,192 वोट हासिल हुए और वे अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। जबकि, किसी जमाने में झांसी में बसपा का मजबूत आधार हुआ करता था। यही वजह रही कि बसपा जिले की चारों विधानसभा सीटों पर जीत का परचम फहरा चुकी है। लेकिन, इस चुनाव में बसपा प्रत्याशी की जमानत भी नहीं बच पाई।
इसके अलावा अपना दल (कमेरावादी) के चंदन सिंह के हिस्से में महज 2491 वोट आए और अल हिंद पार्टी के इं. दीपक कुमार वर्मा को 1377 वोटों से संतोष करना पड़ा। जबकि, निर्दलीय इंद्र सिंह को 2078, गनेशराम को 2575, धमेंद्र प्रताप को 2303, रमेश को 6338 व लखनलाल को महज 6832 वोट हासिल हुए। इन सभी को भी अपना जमानत गंवानी पड़ गई।
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दल का हुआ गठबंधन, मन का नहीं
झांसी। बुंदेलखंड की चार सीटों में से तीन पर सपा ने जीत दर्ज की। केवल झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट पर ही भाजपा अपना कब्जा बरकरार रखने में कामयाब रही। यहां गठबंधन के प्रत्याशी प्रदीप जैन को एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इसकी बड़ी वजह कांग्रेस और सपा के नेताओं के बीच चुनाव के दरम्यान समन्वय स्थापित न हो पाना बताई जा रही है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि दोनों दलों के बीच गठबंधन तो हो गया था, परंतु दोनों दलों के नेताओं के बीच वैचारिक समन्वय नहीं बन पाया था, जिससे यहां गठबंधन प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। ब्यूरो