झांसी। गेमिंग एप का पेमेंट सर्वर हैक करके करोड़ों की चपत लगाने वाले जालसाजों की छानबीन के दौरान पुलिस को कई नई बातों का भी पता चला है। छानबीन में मालूम चला कि शातिर साइबर जालसाज ठगी की रकम को सुरक्षित रखने के लिए केरल स्थित प्रादेशिक बैंकों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को इन बैंकों में 70 से अधिक खातों का पता चला है। इनमें नौ करोड़ रुपये जमा मिले। पुलिस अब इनकी रिकवरी करने की तैयारी में है। इस मामले के मास्टर माइंड को भी पुलिस तलाश रही है।
26 मई को प्रेमनगर पुलिस ने साइबर ठगों के गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सात शातिर जालसाज गिरफ्तार किए थे। जालसाज चाइनीज गेमिंग एप को निशाना बनाते हुए उनका पेमेंट सर्वर हैक किया था। जालसाज गेमिंग एप में खेलने के लिए टोकन मनी के तौर पर गेमिंग एप में जमा होने वाले पैसों को अपने खाते में जमा करा लेते थे।
पुलिस ने मिशन कंपाउंड निवासी सनी अमराया, सोहिल खान, अनुभव सिंह, दानिश खान, सौरभ विश्वकर्मा, देवेश कुमार को गिरफ्तार किया था। मामले की छानबीन के लिए उपनिरीक्षक रविकांत शुक्ला की अगुवाई में टीम गठित की थी। पिछले एक महीने से पुलिस इनको तलाश करने में जुटी थी। एक महीने की मशक्कत के दौरान पुलिस को 77 से अधिक बैंक खातों में 9 करोड़ रकम मिली है। इसमें अधिक रकम के भी होने का अंदेशा है। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि मामले की आगे भी जांच की जा रही है। पकड़े गए साइबर जालसाजों के खिलाफ गैंगस्टर कार्रवाई भी होगी।