झांसी। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत किए जा रहे भुगतान में गड़बड़झाला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रसव केंद्रों से रिपोर्ट तलब कर ली है। इसके लिए प्रसूताओं की सूची देकर भुगतान के संबंध में तीन दिन में रिपोर्ट देने का कहा गया है। जांच रिपोर्ट के बाद मामला स्पष्ट हो जाएगा। वहीं, अब तक शासन 3.89 लाख रुपये का नुकसान मान रह है।
झांसी में जननी सुरक्षा योजना के तहत 141 प्रसूताओं को दो बार भुगतान करने का मामला सामने आया है। शासन स्तर पर ये मामला पकड़ में आने के बाद मातृ स्वास्थ्य के महाप्रबंधक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा है कि प्रसूताओं को दो बार भुगतान करने से 3.89 लाख रुपये का सरकार को नुकसान हुआ है। इस मामले को शनिवार को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया। जेएवाई के नोडल अधिकारी डॉ. एनके जैन ने बताया कि 141 प्रसूताओं की सूची के अनुसार सभी डिलीवरी केंद्रों से रिपोर्ट तलब कर दी गई है। उनसे पूछा गया है कि इन प्रसतूओं को दो बार भुगतान करने की क्या वजह रही। तीन दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
ये मिलता है लाभ
जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की लाभार्थी को संस्थागत प्रसव पर 1400 और शहरी क्षेत्र की लाभार्थी को एक हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र की आशा को 600 और शहरी क्षेत्र की स्वास्थ्य कार्यकर्ता को 400 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।