झांसी। शुक्रवार को झांसी आ रहे प्रधानमंत्री का दौरा बुंदेलखंड के विकास और भारतीय सेना की ताकत में इजाफे की दृष्टि से बेहद अहम साबित होने वाला है। प्रधानमंत्री झांसी में डिफेंस कॉरिडोर के 400 करोड़ रुपये की लागत के पहले प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे। जबकि, भारतीय वायु सेना को स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर तथा नौसेना को उन्नत इलेक्ट्रानिक वारफेयर सूट सौंपेंगे।
फरवरी 2018 में लखनऊ में आयोजित समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में दो डिफेंस कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा की थी। इनमें से एक उत्तर प्रदेश को दिया गया था। यहां ये रक्षा गलियारा छह जिले झांसी, चित्रकूट, आगरा, अलीगढ़, कानपुर व लखनऊ में बनाया जाना है। खास बात ये है कि इसके लिए सभी छह जनपदों में ली गई जमीन में से 59 फीसदी झांसी की है। डिफेंस कॉरिडोर का झांसी में पहला प्रोजेक्ट भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा लगाया जा रहा है। 400 करोड़ के इस उपक्रम की प्रधानमंत्री शुक्रवार को अपने झांसी दौरे के दौरान आधारशिला रखेंगे। भारत डायनामिक्स लिमिटेड रक्षा मंत्रालय का सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है और इसका मुख्यालय हैदराबाद में है। यहां कंपनी गोला बारूद, मिसाइल व तोपें बनाएगी। इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से पांच हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा पीएम अलावा पीएम अपने झांसी दौरे के दौरान मेड इन इंडिया मुहिम के तहत पहला हल्का स्वदेश निर्मित लड़ाकू हेलीकॉप्टर वायुसेना को सौंपेंगे। इस हेलीकॉप्टर को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने विकसित किया है। यह दुनिया का एकमात्र हेलीकॉप्टर है, जो हथियारों और तेल के वजन के साथ 5000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ सकता है। इसके साथ पीएम नौसेना को डीआरडीओ द्वारा विकसित इलेक्ट्रानिक वारफेयर सूट देंगे। इसे आईएनएस विक्रांत व अन्य आधुनिक युद्धपोतों पर लैस किया जाएगा। इससे भारत की सैन्य ताकत में इजाफा होगा। इसके अलावा सेना को देश में बने ड्रोन भी सौंपे जाएंगे।