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पूर्व विधायक पर लगातार कसता जा रहा है पुलिस का शिकंजा

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झांसी। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। शुक्रवार को पूर्व विधायक पर पुलिस टीम पर जानलेवा हमले के लिए उकसाने के मामले में वारंट तामील कराए गए। जबकि, पहले उन पर पुलिस ने कुख्यात लेखराज को छुड़ाने की साजिश रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।
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कुख्यात लेखराज सिंह को छुड़ाने की कोशिश करने के मामले में पूर्व विधायक दीपनारायण सोमवार से जेल में बंद हैं। उन पर पुलिस ने कुख्यात लेखराज को छुड़ाने की कोशिश की साजिश रचने का आरोप लगाया था। लेकिन, अब मुकदमे में इस मामले के अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के लिए उकसाने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इसकी धारा भी मुकदमे में बढ़ा दी है। इस मामले में शुक्रवार को अदालत को प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें बताया कि दीपनारायण जानलेवा हमले के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में भी आरोपित हैं। इस पर अदालत की ओर से जेल में वारंट तामील कराने का आदेश जारी किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत से जुड़े।
रिमांड पर फैसला आज
झांसी। सोमवार को पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अदालत से 72 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) मांगी थी, परंतु अदालत ने छह घंटे की ही मंजूर की थी। बुधवार को सुबह 10 से शाम चार बजे तक पुलिस उन्हें रिमांड पर लिए रही थी। इसके बाद पुलिस ने अदालत को बताया था कि रिमांड की अवधि कम होने की वजह से पूर्व विधायक से पूछताछ पूरी नहीं हो पाई है। पुलिस ने पांच दिन की रिमांड और मांगी थी, जिस पर शुक्रवार को बहस हुई। अदालत फैसला शनिवार को सुनाएगी।
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पार्टी के लोगों ने भी बनाई दूरी
झांसी। मुश्किलों में घिरने के बाद पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव से समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने भी दूरी बना ली है। स्थिति यह है कि गिरफ्तारी के दौरान सपा के इक्का-दुक्का लोग ही उनके आसपास नजर आए थे। लोग जेल में भी मिलने जाने से परहेज कर रहे हैं। इनमें से तमाम लोग तो ऐसे हैं, जो हमेशा उनके इर्दगिर्द बने रहते थे, परंतु अब सिरे से गायब हैं। दीपनारायण की गिरफ्तारी के बाद केवल डा. चंद्रपाल सिंह यादव ने ही बयान जारी किया था, बाकी सभी चुप्पी साधे हुए हैं।
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