पूर्व सपा विधायक दीपनारायण सिंह यादव
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कुख्यात लेखराज सिंह यादव को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने की कोशिश करने के आरोप में जेल में बंद सपा के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। प्रयागराज में उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। ईडी ने विजिलेंस द्वारा दो माह पूर्व दर्ज कराए गए आय से अधिक संपत्ति के मुकदमे को आधार बनाते हुए यह एफआईआर दर्ज की है।
गरौठा के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव पर 30 जुलाई 2022 को विजिलेंस ने झांसी में मुकदमा दर्ज किया था। विजिलेंस ने उन पर आय से 23 करोड़ रुपये अधिक पाए जाने पर एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद मुकदमा विजिलेंस की कानपुर यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया था, जिसकी जांच जारी है। इसी मुकदमे को आधार बनाते हुए दीपनारायण के खिलाफ ईडी की प्रयागराज यूनिट में मनी लॉड्रिंग का केस दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत एफआईआर हुई है।
इससे दीपनारायण की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। बताया गया कि जल्द ईडी अपनी जांच शुरू करने जा रही है। जांच में पूर्व विधायक और उनके परिवार के सदस्यों के नाम से दर्ज और बैनामी संपत्तियों के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। इतना ही नहीं, पूर्व विधायक के करीबी भी जांच के जद में आएंगे। इसके अलावा सभी के बैंक खाते, शेयर, कंपनियों व अन्य लोगों से लेनदेन की भी गहराई से पड़ताल होगी। बता दें कि पूर्व विधायक को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुख्यात लेखराज को छुड़ाने की कोशिश करने के आरोप में उनके खिलाफ कई थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।