संवाद न्यूज एजेंसी
गरौठा। ग्राम निपान के झुरिया मोहल्ला में अहिरवार समाज की क्षेत्रीय बैठक का आयोजन बौद्ध महासभा के तत्वावधान में किया गया। अध्यक्षता रनमत अहिरवार पूर्व प्रधान ने की। मुख्य अतिथि कालका प्रसाद अध्यापक रहे। बैठक में सर्वसम्मति से मृत्यु भोज त्यागने का फैसला लिया गया। साथ ही नशा और जुआ से दूर रहने की अपील की गई।
रामसेवक फौजी ने कहा कि मृत्यु भोज कुरीति है। इसे तुरंत छोड़ देना चाहिए। डॉ. रणजीत सिंह ने संत गाडगे की बात दोहराते हुए कहा कि आधी रोटी कम खाओ, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाओ। राजू नेता रमपुरा ने कहा कि माता-पिता की सेवा जीवित रहते करनी चाहिए। मृत्यु भोज में खर्च कर दिखावा करना गलत है। ताराचंद भास्कर जी ने कहा मृत्यु भोज समाज के विकास में बाधक है।
इस दौरान राधेलाल बौद्ध, प्रेम चौधरी, रामदास बरारू, अशोक निपान, रिखेश्वर पूर्व प्रधान, राकेश बाल्मीकि, लखनलाल अध्यापक, कालका प्रसाद, रामकुमार यादव माते ने भी संबोधित किया।वक्ताओं ने बच्चों को अच्छे संस्कार देने पर जोर दिया और कहा कि मृत्यु भोज किसी भी प्रकार से लाभदायक नहीं है। भुवन यादव, बलराम नेता, महेश प्रजापति, सीताराम बरारू, ज्वाला प्रसाद, पंचमलाल गरौठा, अखिलेश गौतम, लक्ष्मी राम, केशव दास, सीताराम चौधरी, परमाल, नारायण दास, कालका निपान आदि मौजूद रहे।