बंगरा(झांसी)। मऊरानीपुर क्षेत्र में कोटेदारों की मनमानी अंकुश लगाना शुरू किया गया, तो कोटेदारों की बौखलाहट सामने आने लगी है। गांव सिमौरा के एक कोटेदार ने दुकान और कार्डधारकों की जांच को पहुंचे क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी को जान से मारने की धमकी दी। कोटेदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर अधिकारी की गाड़ी को गांव डोंडा के पास रोककर अभद्रता की। अधिकारी ने कोटेदार के खिलाफ सकरार थाने में तहरीर दी है। मामले को लेकर पूर्र्ति विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी को कार्यालय में लगी लाल पेटी में शिकायत मिली कि गांव सिजौरा के कोटेदार ग्याप्रसाद ने अपनी पुत्रवधू के नाम से अंत्योदय कार्ड बनवाया हुआ है। अधिकारी ने बताया कि शिकायती पत्र की जांच और सत्यापन के लिए वह अपने कर्मचारियों के साथ गांव सिजौरा जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही गांव डोंडा से 200 मीटर दूर बीच मार्ग पर कोटेदार ग्याप्रसाद पुत्र केशवदास अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी कार रुकवा ली। लाठी डंडों से लैस कोटेदार और उनके साथियों ने अधिकारी के साथ गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी। अधिकारी ने जब समझाने का प्रयास किया, तो मारने दौड़े। जैसे तैसे अधिकारी जान बचाकर थाना सकरार पहंचे।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने बताया कि 10 सितंबर को उनके मोबाइल नंबर 7522091972 पर मोबाइल नंबर 8545878409 से धमकी दी गई। उनको कहा गया कि कोटेदार ग्याप्रसाद के विरुद्ध कोई मुकदमा अथवा दुकान निरस्त की गई तो अंजाम बहुत बुरा होगा और मार दिया जायेगा। अधिकारी ने सकरार थाने में सिजौरा के कोटेदार ग्याप्रसाद पुत्र केशवदास एवं साथियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी देने की तहरीर दी है। पूर्ति अधिकारी महेश चंद्र गौतम ने बताया कि पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय नेता मामले को दबाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। पुलिस थाना प्रभारी सकरार गोपाल सिंह यादव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मामला गंभीर है। सीओ खुद मामले पर नजर बनाए हुए हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा।