बेतवा नदीं में फेंकी गईं सैकड़ों मरी हुईं मुर्गियां खा गए मगरमच्छ, वन विभाग के हाथ लगीं सिर्फ 27
झांसी। शुक्रवार को झरर घाट के पास बेतवा नदी में पांच सैकड़ा से अधिक मरी हुईं मुर्गियां पाई गईं थीं, जिससे पानी दूषित हो गया था। इसकी जानकारी होने पर शनिवार को मौके पर वन विभाग की टीम पहुंची, लेकिन टीम के हाथ केवल 27 मुर्गियों के शव ही लगे, बाकी नदी में मौजूद मगरमच्छों ने खा लीं। मुर्गियों की मौत की वजह जानने के लिए बबीना में पोस्टमार्टम किया गया, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आएगी। हालांकि, गर्मी से मौत होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
शुक्रवार को कोई पांच सौ से अधिक मरी हुईं मुर्गियों को झरर घाट के करीब बेतवा नदी में फेंक गया था। मुर्गियां पानी कम होने की वजह से बेतवा नदी में उभरीं सतही चट्टानों इर्दगिर्द जा लगीं। कुछ ही देर में ये खबर आसपास के ग्रामीण इलाकों में पहुंच गई थी। सूचना पर मौके पर ललितपुर की वन विभाग की टीम भी पहुंच गई थी। लेकिन, टीम ने फौरी तौर पर पड़ताल ही की।
पानी में उतरकर मुर्गियों को जांचने की जहमत नहीं उठाई गई और न ही पोस्टमार्टम की व्यवस्था की गई। सतही जांच कर टीम वापस लौट आई थी। इसकी खबर अमर उजाला के 12 जून के अंक में ‘बेतवा नदी में फेंकी सैकड़ों मरी मुर्गियां, पानी हुआ दूषित’ शीर्षक के साथ प्रकाशित की गई थी। जानकारी होने पर शनिवार की सुबह झांसी से वन विभाग की टीम रेंजर राजवीर सिंह की अगुवाई में मौके पर पहुंच गई। लेकिन, तब तक सैकड़ों मरी मुर्गियों को नदी में मौजूद मगरमच्छ अपना निवाला बना चुके थे। ऐसे में वन विभाग के हाथ केवल 27 मुर्गियां ही लगीं, जिन्हें टीम इकट्ठा कर अपने साथ बबीना ले आई। यहां मुर्गियों का पोस्टमार्टम किया गया, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आएगी। इसके बाद ही मुर्गियों के मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी। हालांकि, गर्मी से मुर्गियों की मौत का अनुमान जताया जा रहा है।