झांसी के बबीना इलाके में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के कुछ दिन बाद ही विरोधियों के खेत में किसान का शव पेड़ से लटकता मिला। किसान के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर में चोट के कोई निशान नहीं मिले। आत्महत्या किए जाने की पुष्टि हुई है।
बबीना थाने के हीरापुर गांव निवासी मुलायम परिहार (52) पुत्र लक्ष्मण सिंह खेती-किसानी का काम करता था। परिजनों का कहना है, 20 फरवरी को पड़ोस में ही रहने वाले कल्ला रायकवार से मुलायम के छोटे बेटे मोनू का किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसमें मोनू ने डंडा मारकर कल्ला का सिर फोड़ दिया था। मुलायम भी उस समय मोनू के साथ था। घटना के बाद पुलिस मोनू और मुलायम को पकड़ ले गई और उनका चालान कर दिया था। कुछ दिनों पहले मुलायम और मोनू छूटकर घर लौटा।
गुरुवार रात करीब नौ बजे मुलायम घर से खाना खाकर खेत में सोने चला गया। शुक्रवार सुबह काफी देर तक जब मुलायम नहीं लौटा तब परिजन उसे तलाशते हुए वहां पहुंचे। यहां मुलायम नहीं मिला। वहां से कुछ दूर स्थित कल्ला के खेत में पेड़ पर उसका शव रस्सी से लटका देखकर लोगों के होश उड़ गए। परिजन कल्ला पर हत्या का आरोप लगाने लगे। मामले की जानकारी बबीना पुलिस को भी सूचना दे दी गई। बबीना पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं मिले चोट के निशान
शुक्रवार को डॉक्टरों ने शव का पोस्टमार्टम किया, जिसमें शरीर में चोट के कोई भी निशान नहीं मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाए जाने की पुष्टि हुई है।