झांसी। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार को कानून व्यवस्था के मामले में विफल ठहराते हुए कहा कि इस समय महिलाएं एवं बेटियां अपने को सबसे अधिक असुरक्षित महसूस कर रही हैं। किसानों की कर्जमाफी किए बगैर सरकार ने योजना बीच में ही खत्म कर दी है। सरकार के जाने के दिन शुरू हो गए हैं, इस वजह से उसकी भाषा भी बदल गई है।
ओरछा में सपा के कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने आए अखिलेश ने झांसी में बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हाल में यूपी में जिस तरह की घटनाएं घट रही हैं, उससे आम लोग भी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। महिलाओं एवं बेटियों पर अत्याचार बढ़ा है। मुख्यमंत्री अपने ऊपर दर्ज मुकदमे वापस ले रहे हैं, वहीं विपक्षी नेताओं पर जबरन मुकदमे लादे जा रहे हैं। झांसी में हुए पुष्पेंद्र एनकांउटर मामले को उठाते हुए कहा कि अभी तक इसका सच सरकार सामने नहीं ला सकी। पूरे प्रदेश में ऐसे तमाम मामले सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों का अखिलेश ने जवाब देते हुए कहा सरकार को सदन की गरिमा भी ख्याल नहीं रहा। सदन के भीतर सरकार की भाषा बदल गई है। इससे मालूम चलता है अब सरकार जाने वाली है। लोकतंत्र में ठोक दो, पटक-पटककर मारने जैसी भाषा नहीं हो सकती। संस्थाओं को खत्म करने का काम इसके पहले कभी नहीं हुआ। अखिलेश ने योगी सरकार पर बुंदेलखंड के साथ वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा झांसी, महोबा, ललितपुर के किसान लगातार आत्महत्या कर रहे, लेकिन सरकार के पास उनकी सुनवाई का समय नहीं। सरकार ने किसानों की कर्ज माफी का वायदा किया था, लेकिन इसका फायदा भी किसानों को नहीं दिया। बिना कर्ज माफ किए सरकार ने योजना खत्म कर दी। अखिलेश ने महंगाई के सवाल पर भी सरकार को घेरा। कहा, सरकार डीजल, पेट्रोल, गैस के पर मुनाफा कमाने का काम कर रही। कृष्ण मंदिर बनाए जाने के सवाल पर कहा उनका विश्वास सभी विष्णु अवतारों पर है।
अखिलेश का तंज, काले दिल वालों की काली टोपी
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उस बयान में आड़े हाथ लिया, जिसमें सीएम आदित्यनाथ ने लाल टोपी लगाने वाले को गुंडा बताया था। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, काले दिल वाले काली टोपी लगाते हैं। कहा, लाल रंग कई चीजों का प्रतीक है। आदमी के गुस्से और प्रेम में होने पर उसका चेहरे का रंग भी लाल हो जाता है लेकिन, मुख्यमंत्री इंसानी भावनाओं को नहीं समझते। लाल रंग की टोपी राममनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण ने लगाई। अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहाकि वह ढाई साल के ऐसे बच्चे को जरूर तलाश रहे, जिसके सामने लाल टोपी वाले और मुख्यमंत्री की तस्वीर रखी जा सके।
सपा को बदनाम करने की रची गई साजिश
पूर्व सीएम अखिलेश ने हाथरस कांड में सपा कार्यकर्ता के नाम को नकारते हुए इसे भाजपा आईटी सेल की साजिश बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा जिस गांव में घटना हुई वहां सपा का कोई भी कार्यकर्ता नहीं है। सरकार सदन में गलत बयानी कर रही है। भाजपा आईटी सेल के लोग सपा को बदनाम करने की कोशिश में जुटे हैं।
भाजपा के खिलाफ छोटे-छोटे दलों को करेंगे एकजुट
यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान गठबंधन के सवाल पर सपा सुप्रीमो ने बड़े दलों के बजाए छोटे-छोटे दलों के साथ मिलकर लड़ने की बात कही। बगैर किसी दल का नाम लिए सपा सुप्रीमो ने कहा भाजपा के खिलाफ सभी छोटे दलों को एकजुट किया जाएगा लेकिन, बड़े दलों से राह अलग रहेगी। चाचा शिवपाल यादव को साथ लाने के सवाल का मुस्कराकर जवाब दिया कि उनका दल भी छोटा है लिहाजा, उनको भी साथ रखेंगे।
आजम के साथ सरकार ने किया अन्याय
सपा सुप्रीमो ने योगी सरकार पर बदनियती के साथ काम करने का आरोप लगाया। कहा, पूरे देश में कहीं भी कानूनी तौर पर इमारतें नहीं बनाई गईं। ऐसे में सभी पर बुलडोजर चलवा दें लेकिन, आजम खान के खिलाफ कार्रवाई में सरकार ने नियम-कायदों को ताक पर चढ़ाकर अपने मनपसंद अफसरों की मदद से कार्रवाई की। पूर्व सीएम ने योगी सरकार पर ब्यूरोक्रेसी को भी भ्रष्ट कर देने का आरोप लगाया।
सरकार आई तो खत्म कर देंगे ईवीएम
ईवीएम में गड़बड़ी के सवाल पर पूर्व सीएम ने कहाकि उनकी सरकार बनी तो सबसे पहले ईवीएम को ही खत्म किया जाएगा। उन्होंने अमेरिकी चुनावों का हवाला देते हुए कहाकि ईवीएम भरोसे लायक नहीं है। कार्यकर्ताओं को इससे निपटने का तरीका भी सिखाया गया है। प्रधानमंत्री के कोरोना टीका लगने के बाद खुद के टीका लगने के सवाल पर अखिलेश ने कहाकि सरकार बनने के बाद इसके बारे में देखेंगे।