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शादियों की तिथियां आगे बढ़ाईं, शादी हाल- बैंड बाजा की बुकिंग भी होने लगी निरस्त

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झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण की तीसरी लहर के दस्तक देने के साथ ही कारोबार प्रभावित होने लगे हैं। खासतौर पर शादी - विवाह से जुड़े व्यापारों पर इस महामारी ने बड़ा हमला बोला है। संक्रमण के खतरे और कोविड प्रोटोकॉल की बंदिशों की वजह से लोगों ने शादियों की तिथियां आगे बढ़ानी शुरू कर दी हैं। कई कार्यक्रम निरस्त होने लगे हैं, जबकि, तमाम लोगों ने अपने यहां होने वाले आयोजन सीमित कर दिए हैं। इसका सीधा असर शादियों में खाना बनाने वालों से लेकर विवाह घर चलाने वालों तक पर पड़ा है।
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16 जनवरी से वैवाहिक मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। लोगों ने शुभ मुहूर्त में शादियों की तारीख महीनों पहले ही तय कर ली थी और उसी के अनुसार तैयारियां भी कर लीं गईं थीं। विवाह घरों की बुकिंग हो गई थी तथा कैटरिंग भी तय कर ली गई थी। इसके अलावा अन्य तैयारियां भी पूरी कर लीं गई थीं। लेकिन, अचानक कोरोना की तीसरी लहर ने हमला बोल दिया। मरीजों की संख्या रोजाना तेजी से बढ़ रही है। सरकार की ओर से नाइट कर्फ्यू जैसी बंदिशें लागू कर दी गईं हैं। विवाह समारोह में भी 200 लोगों की संख्या निर्धारित कर दी गई है। जबकि, खुले मैदान में होने वाले समारोह में आयोजन स्थल की क्षमता के अनुसार पचास फीसदी ही शामिल हो पाएंगे। इसका सीधा असर शादियों से जुड़े कारोबार पर पड़ा है। होटल, विवाह घरों की बुकिंग निरस्त होने लगी है। मेहमानों की संख्या सीमित होने की वजह से कैटर्स को पहले से दिए गए ऑर्डर भी छोटे किए जाने लगे हैं। शादी के कार्ड तक छपवाने से लोग परहेज कर रहे हैं। यहां तक कि बरात के लिए बैंड - बाजों से भी लोग बच रहे हैं।
खुले विवाह घरों की क्षमता से पचास फीसदी लोग ही शादी समारोहों में शामिल हो पाएंगे। ऐसे में लोग आयोजन के लिए छोटे स्थान तलाशने लगे हैं। कुछ लोगों ने विवाह की तारीख भी आगे बढ़ा दी है। कोरोना महामारी से शादी-ब्याह से जुड़े कारोबार प्रभावित होने लगे हैं।
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- विवेक स्वामी, अध्यक्ष - बुंदेलखंड विवाह स्थल एसोसिएशन
शादी कार्ड के कारोबार को कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने बड़ी चोट दी थी। तीसरी लहर का प्रभाव भी हमारे कारोबार पर नजर आने लगा है। जनवरी, फरवरी में होने वाली शादियों के कार्ड की डिलीवरी तो लगभग की जा चुकी है। लेकिन, इसके बाद के कारोबार को लेकर पसोपेश की स्थिति है।
- जय सिंघल, कार्ड कारोबारी
जनवरी, फरवरी व मार्च माह में होने वाली शादियों की कैटरिंग की कई बुकिंग कैंसल हो गईं हैं। इतना ही नहीं, लोगों के ऑर्डर छोटे भी हो गए हैं। जबकि, हम लेबर को पहले से ही पेमेंट कर चुके हैं। इससे कैटरिंग का व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित होने लगा है।
- पप्पू राय, कैटर्स
हर एक बैंड से दर्जनों की संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है। लेकिन, नाइट कर्फ्यू की बंदिश और कोरोना के खतरे की वजह से लोग बैंडों की बुकिंग कैंसल करने के लिए आने लगे हैं। जबकि, हम पहले से ही इसकी पूरी तैयारी कर चुके थे। तैयारियों पर काफी पैसा भी खर्च कर चुके थे।
- चिंटू मंसूरी, बैंड संचालक
बेटी की पांच फरवरी को शादी है। पहले चार हजार लोगों का इंतजाम किया था। लेकिन, अचानक बंदिशें लागू हो गईं। ऐसे में अब चार-पांच सौ मेहमानों को ही शादी में बुलाया जाएगा। बड़े विवाह घर की बुकिंग कैंसल कर दी है। कैटरिंग का ऑर्डर भी छोटा कर दिया गया है।
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- प्रमोद सोनी, सराफा बाजार
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